आसमान से आफत की आशंका, अलर्ट मोड पर रायगढ़ प्रशासन; 27 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान
निचले इलाकों में जलभराव से निपटने की तैयारी, 24 घंटे सक्रिय रहेंगे जिला और तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम; बांधों से लेकर बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं तक निगरानी के निर्देश
रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026। चक्रवात के प्रभाव से रायगढ़ जिले में आगामी 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। संभावित मौसम संबंधी खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने, आवश्यक संसाधन तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम की इस संभावित चुनौती के बीच प्रशासन का जोर उन क्षेत्रों पर रहेगा, जहां तेज बारिश के दौरान जलभराव, नदी-नालों में पानी बढ़ने और आवागमन बाधित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। नगर निगम, पंचायत, राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, बिजली और स्वास्थ्य विभाग को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता संभावित खतरे को समय रहते पहचानना, लोगों को सतर्क करना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
24 घंटे निगरानी, कंट्रोल रूम रहेंगे सक्रिय
संभावित बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला और तहसील स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को सतर्क रहने और परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है।
निर्देशों के मुताबिक, बिना अनुमति कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और शिकायतों या सहायता संबंधी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना है।
निचले इलाकों पर रहेगी खास नजर, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाएंगे लोग
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, पंचायत और राजस्व विभाग को ऐसे स्थानों की पहचान कर आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है, जहां बारिश का पानी जमा होने या लोगों के प्रभावित होने की आशंका हो।
प्रशासन ने राहत शिविरों को तैयार रखने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। बचाव दलों को नाव, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है, ताकि परिस्थितियां बिगड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य में देरी न हो।
बांधों और जलाशयों के जलस्तर की होगी लगातार निगरानी
संभावित भारी बारिश को देखते हुए जल संसाधन विभाग को बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने और अतिरिक्त पानी छोड़ने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सूचना देने पर जोर दिया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पानी के संभावित प्रवाह से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। संबंधित विभागों को परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सावधानियां बरतने और सूचनाओं के आदान-प्रदान में तत्परता रखने को कहा गया है।
बिजली गुल होने पर बहाली के लिए तैयार रहेंगी टीमें
तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग को अतिरिक्त टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने और आवश्यक सेवाओं को यथासंभव शीघ्र बहाल करने पर जोर दिया गया है।
इसी तरह स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपात स्थिति में घायलों या बीमार लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों और रपटों पर बरती जाएगी सतर्कता
बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने और रपटों पर पानी बहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने तथा पानी के तेज बहाव वाले रास्तों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
पुलिस और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से ऐसे स्थानों पर निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर आवागमन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली और भारी बारिश से बचाव के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को जारी निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने तथा राहत एवं बचाव से जुड़े कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
फिलहाल प्रशासन ने एहतियाती तैयारियों पर जोर दिया है। 27 से 29 अक्टूबर के दौरान मौसम की वास्तविक स्थिति के अनुसार सतर्कता और राहत संबंधी व्यवस्थाओं की अहम भूमिका रहेगी। ऐसे में लोगों के लिए भी जरूरी है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️