CECB रायगढ़ में ‘जूनियर साइंटिस्ट’ पर सवालों की बौछार: CM तक पहुंची शिकायत, निष्पक्ष जांच और तबादले की मांग तेज

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर/रायगढ़।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के रायगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ एक कनिष्ठ वैज्ञानिक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। रायपुर निवासी अजय चकोले ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद विभागीय और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
शिकायत में क्या कहा गया है
अजय चकोले द्वारा सौंपे गए पत्र में कनिष्ठ वैज्ञानिक सतीश पटेल पर उद्योगों के साथ कथित सांठ-गांठ, गोपनीय सूचनाओं के लीक होने और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन कथित गतिविधियों के चलते पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैधानिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, जबकि अन्य अधिकारियों के नियमित अंतराल पर तबादले होते रहे हैं। इसे प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से सवालों के घेरे में बताया गया है।
गोपनीयता और कार्रवाई पर सवाल
शिकायत में यह आरोप भी जोड़ा गया है कि विभागीय निरीक्षण, प्रस्तावित कार्रवाई, पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) और कारण बताओ नोटिस जैसी संवेदनशील सूचनाएं कथित रूप से पहले ही उद्योगों तक पहुंच जाती हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे संभावित कार्रवाई की धार कुंद हो जाती है और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर असर पड़ता है।
साथ ही, उद्योगों को संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए “अंदरूनी मार्गदर्शन” दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
हितों के टकराव का मुद्दा
अजय चकोले ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि औद्योगिक इकाइयों के साथ कथित निकटता के कारण निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है, जो “हितों के टकराव” (Conflict of Interest) की स्थिति पैदा करती है। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में पर्यावरणीय निगरानी की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।


मुख्यमंत्री से चार प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच
जांच अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी का तत्काल स्थानांतरण
आरोप सिद्ध होने पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई
लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के लिए पारदर्शी तबादला नीति लागू करना
‘व्यक्ति नहीं, व्यवस्था का सवाल’
अजय चकोले ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि आम नागरिकों का भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई जरूरी है।
अधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि कोई पक्ष अपना स्पष्टीकरण देता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह समाचार शिकायत के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।)
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️