शादी के बाद शुरू हुई दहेज की मांग, तीन साल में उजड़ गया सुहाग; विवाहिता की मौत के मामले में पति समेत तीन गिरफ्तार

मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर ताने और मारपीट का आरोप, बाद में कार खरीदने के लिए मांगे गए दो लाख रुपये; भूपदेवपुर पुलिस ने मर्ग जांच के बाद दर्ज किया दहेज मृत्यु का अपराध
रायगढ़। जिस घर में तीन साल पहले सामाजिक रीति-रिवाज के साथ एक बेटी को बहू बनाकर लाया गया था, उसी घर में उसकी जिंदगी का दुखद अंत हो गया। ग्राम जैमुड़ा की 34 वर्षीय विवाहिता नीता पटेल की मौत के मामले में दहेज प्रताड़ना के आरोप सामने आने के बाद भूपदेवपुर पुलिस ने उसके पति, सास और ससुर को गिरफ्तार किया है। मायके पक्ष के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद से ही मोटरसाइकिल और कम दहेज लाने को लेकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। इतना ही नहीं, घटना से चार-पांच महीने पहले कार खरीदने के लिए दो लाख रुपये की मांग भी की गई थी। पुलिस ने मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों के विरुद्ध दहेज मृत्यु का अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शादी के एक साल बाद से शुरू हुई प्रताड़ना, मोटरसाइकिल को लेकर होते थे विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम जैमुड़ा निवासी नीता पटेल का विवाह करीब तीन वर्ष पूर्व उसी गांव के बंधुराम पटेल के पुत्र राकेश पटेल के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। शुरुआत के कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर विवाद की स्थिति बनने लगी। आरोप है कि पति राकेश पटेल, सास शांति बाई पटेल और ससुर बंधुराम पटेल कम दहेज लाने तथा मोटरसाइकिल नहीं मिलने की बात कहकर नीता को ताने देते थे। इसी बात को लेकर घर में विवाद होता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
परिजनों के कथनों के मुताबिक, प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं रुका। करीब चार-पांच महीने पहले आरोपियों द्वारा कार खरीदने के लिए दो लाख रुपये की मांग की गई थी। इस मांग को लेकर भी विवाद और मारपीट किए जाने का आरोप है। लगातार घरेलू तनाव और कथित प्रताड़ना के बीच नीता मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।
19 अक्टूबर को घर में हुई मौत, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया
बताया गया कि 19 अक्टूबर 2026 की दोपहर नीता ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। विवाहिता की मृत्यु के मामले में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई कराई गई और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी लगना बताया गया। इसके बाद पुलिस ने मृतिका के मायके पक्ष के परिजनों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान परिजनों ने पति और सास-ससुर पर दहेज की मांग को लेकर लगातार शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए। पुलिस के अनुसार, मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों ने मामले को दहेज प्रताड़ना से जुड़ी मृत्यु की दिशा में महत्वपूर्ण बना दिया।
मर्ग जांच के बाद दर्ज हुआ अपराध, तीनों पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कौशिक ने 4 नवंबर 2026 को पति, सास और ससुर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 140/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 एवं 3(5) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
इसके बाद एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव ने मामले की अग्रिम विवेचना और कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को 7 नवंबर को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
1. राकेश पटेल, पिता बंधुराम पटेल, उम्र 34 वर्ष।
2. बंधुराम पटेल, पिता स्व. संपतलाल, उम्र 56 वर्ष।
3. शांति बाई पटेल, पति बंधुराम पटेल, उम्र 52 वर्ष।
तीनों आरोपी ग्राम जैमुड़ा, थाना भूपदेवपुर, जिला रायगढ़ के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर भेजा गया है।
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर अभियान संवेदना के तहत कार्रवाई
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में ‘अभियान संवेदना’ संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इस मामले में कार्रवाई की गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों और दहेज प्रताड़ना के मामलों में पुलिस संवेदनशीलता एवं गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कौशिक और हमराह पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एक गंभीर सामाजिक सवाल भी इस घटना के साथ सामने आता है कि विवाह के बाद दहेज की मांग को लेकर किसी महिला को प्रताड़ित किए जाने की शिकायतों को परिवार और समाज कितनी गंभीरता से लेते हैं। दहेज की मांग केवल आर्थिक लेन-देन का मामला नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध है।
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