उधारी नहीं मिली तो वृद्धा के घर को बनाया निशाना, आधी रात घुसकर की लूटपाट; विरोध पर डंडे से किया हमला

खरसिया पुलिस ने 62 वर्षीय महिला से लूटपाट के मामले में 29 वर्षीय आरोपी को किया गिरफ्तार, नकदी के साथ वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी, डंडा और बाइक जब्त; सोने-चांदी के जेवरात अब भी बरामद नहीं
रायगढ़/खरसिया, 5 नवंबर 2026। घर में अकेली रह रही 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर आधी रात लूटपाट करने के मामले में खरसिया पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उधारी के 4,500 रुपये नहीं मिलने के बाद आरोपी ने लूट की योजना बनाई और ग्राम बड़े देवगांव में महिला के घर में घुसकर आलमारी तथा संदूक तोड़ दिए। इसी दौरान महिला की नींद खुल गई और उसने विरोध किया तो आरोपी ने बांस के डंडे से उसके सिर और दोनों हाथों पर हमला कर दिया। इसके बाद वह नकदी और सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान संदिग्ध के हुलिए और गतिविधियों के आधार पर नागेश कुमार गवेल (29 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर वारदात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 3 हजार रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल हथौड़ी, बांस का डंडा और डिस्कवर मोटरसाइकिल जब्त की है। हालांकि, लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात और शेष नकदी की बरामदगी अभी नहीं हो सकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आधी रात घर में घुसा, विरोध करने पर बुजुर्ग महिला को पीटा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम बड़े देवगांव निवासी रामबाई साहू (62 वर्ष), पति स्वर्गीय धर्मेंद्र साहू, ने 1 नवंबर 2026 को अपने दोनों बेटों और बहू के साथ थाना खरसिया पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे वह अपने घर के कमरे में सो रही थीं। रात लगभग 1:30 बजे अचानक नींद खुली तो देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति घर की आलमारी से सामान निकाल रहा है।
महिला ने जब उसे रोकने और पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने बांस के डंडे से उनके सिर और दोनों हाथों पर वार कर दिया। हमले में घायल महिला के विरोध के बावजूद आरोपी घर में रखे सामान को लेकर भाग निकला। शिकायत के अनुसार, आलमारी और संदूक में रखे करीब 30 हजार रुपये नकद, लगभग 40 तोला चांदी और 2 तोला सोने के जेवरात लूट लिए गए थे।
पीड़िता की रिपोर्ट पर खरसिया थाने में अपराध क्रमांक 570/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) और 331(6) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
संदिग्ध की गतिविधियों से खुला वारदात का राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव और थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव को आरोपी की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता सहित आसपास के लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना वाली रात ग्राम बड़े देवगांव में डेमलाल उरांव के यहां ग्राम बोरदी से आया नागेश गवेल मौजूद था। उसके हुलिए और गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
4,500 रुपये की उधारी नहीं मिली तो बनाई लूट की योजना
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 31 अक्टूबर की रात वह अपनी डिस्कवर मोटरसाइकिल से डेमलाल उरांव के घर 4,500 रुपये उधार मांगने गया था। रुपये नहीं मिलने पर वह वहां से लौट आया। इसके बाद मेन रोड स्थित सामुदायिक भवन के पास उसने लूटपाट की योजना बनाई।
आरोपी को कथित तौर पर जानकारी थी कि बड़े देवगांव में रामबाई साहू घर पर अकेली रहती हैं और उनके मकान में पुट्टी एवं पोताई का काम चल रहा है। इसी परिस्थिति का फायदा उठाकर वह रात में घर के गेट पर चढ़कर अंदर दाखिल हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथ लाई हथौड़ी से आलमारी और संदूक तोड़कर नकदी तथा जेवरात निकालने लगा।
सामान निकालने के दौरान संदूक से हुई आवाज सुनकर महिला जाग गईं। उन्होंने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने बांस के डंडे से उनके सिर और दोनों हाथों पर वार किया। इसके बाद लूटे गए सामान के साथ मोटरसाइकिल से फरार हो गया।
3 हजार रुपये मिले, जेवरात की तलाश अब भी जारी
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने बोरदी मोड़ मेन रोड के पास झाड़ियों से 3 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल बांस का डंडा और हथौड़ी बरामद की। घटना में प्रयुक्त डिस्कवर मोटरसाइकिल आरोपी के घर से जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शेष 25 हजार रुपये नकद, 2 तोला सोना और 40 तोला चांदी के जेवरात नरवा मुक्तिधाम के पास एक पेड़ के समीप छिपाने की जानकारी दी थी। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर तलाशी ली, लेकिन वहां से उक्त संपत्ति बरामद नहीं हो सकी। लिहाजा, पीड़िता की लूटी गई संपत्ति का बड़ा हिस्सा फिलहाल बरामद होना बाकी है।
आरोपी की पहचान कार्यपालिक दंडाधिकारी खरसिया के समक्ष पीड़िता से कराई गई। इसके बाद नागेश कुमार गवेल, पिता प्रमोद कुमार गवेल, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम बड़े बोरदी, थाना खरसिया, जिला रायगढ़ को 4 नवंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में की गई। आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव, उप निरीक्षक अमरनाथ शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर धृतांत, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी, महेंद्र खरे, आरक्षक विशोष सिंह और हमराह पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। गंभीर घटना की सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध अपराध करने वालों के प्रति पुलिस सख्त रुख अपनाएगी। जिले में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी की गिरफ्तारी जरूर हुई है, लेकिन पीड़िता के लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात की बरामदगी अब भी इस मामले का अहम पहलू बनी हुई है।
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