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रायगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा में अक्टूबर 2026 में 106 संस्थागत प्रसव और 9 सफल सिजेरियन ऑपरेशन हुए। जानिए स्वास्थ्य विभाग की इस उपलब्धि की पूरी खबर..

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घरघोड़ा स्वास्थ्य केंद्र में अक्टूबर में 106 सुरक्षित प्रसव, 9 गर्भवती महिलाओं का सफल सिजेरियन ऑपरेशन

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मजबूती, विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयास से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को मिल रही स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ0 एस.आर. पैंकरा

घरघोड़ा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा ने अक्टूबर 2026 के दौरान संस्थागत प्रसव और सिजेरियन ऑपरेशन के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। स्वास्थ्य केंद्र में पूरे माह के दौरान कुल 106 संस्थागत प्रसव कराए गए, जिनमें 9 सिजेरियन प्रसव शामिल हैं। इन सभी ऑपरेशनों को विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सेतराम पैकरा के मार्गदर्शन में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के तहत सर्जन डॉ. विजय कुमार लकड़ा एवं निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. नैंसी लकड़ा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से घरघोड़ा में ही सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध होने से आसपास के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिल रही है। विशेषकर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के समय स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलने से उन्हें अन्य स्वास्थ्य संस्थानों तक ले जाने की परेशानी कम करने में मदद मिल रही है।

गवर्नमेंट हॉस्पिटल घरघोड़ा

स्थानीय स्तर पर सिजेरियन सुविधा से मिली राहत

प्रसव के दौरान कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जब सामान्य प्रसव के बजाय ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सक, निश्चेतना विशेषज्ञ और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा में सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध होना क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इससे जटिल प्रसव के मामलों में समय पर चिकित्सकीय निर्णय और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान हो, उनकी नियमित जांच की जाए और प्रसव के दौरान किसी भी संभावित जटिलता से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी पहले से रखी जाए।

डॉक्टरों से लेकर मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों तक की रही अहम भूमिका

106 संस्थागत प्रसव और 9 सफल सिजेरियन ऑपरेशन की इस उपलब्धि में केवल अस्पताल के चिकित्सकों की ही नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य अमले की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही।

इसमें चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास कुमार शर्मा, डॉ. नोबल राठिया, डॉ. ज्योत्सना गुप्ता, अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी, आरएमए श्रीमती गीता साहू, नर्सिंग सिस्टर श्रीमती गीता चौधरी, स्टाफ नर्स सरिता साहू सहित समस्त स्टाफ नर्स, वार्ड आया और पैरामेडिकल कर्मचारियों का योगदान रहा। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सेक्टर प्रभारी, पर्यवेक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (RHO) और मितानिनों ने भी गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

योजनाबद्ध निगरानी और बेहतर समन्वय से बढ़ी संस्थागत प्रसव की संख्या

स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत एवं सिजेरियन प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती मंजुलता कुजूर और खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी श्री विनोद एक्का द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सेक्टर पर्यवेक्षकों ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों और मितानिनों के साथ लगातार समन्वय बनाया।

गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित प्रसव पूर्व जांच, स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय रहते स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम अक्टूबर माह के प्रसव संबंधी आंकड़ों में दिखाई दिया।

संस्थागत प्रसव क्यों है जरूरी?

स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव होने से गर्भवती महिला और नवजात शिशु को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप या अन्य जटिलताएं सामने आने पर तत्काल उपचार की व्यवस्था की जा सकती है। वहीं जन्म के बाद नवजात की सांस, शरीर का तापमान और अन्य जरूरी स्वास्थ्य संकेतकों की जांच कर आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाती है।

इसके अलावा स्वच्छ प्रसव कक्ष, संक्रमण नियंत्रण, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत और टीकाकरण संबंधी परामर्श भी संस्थागत प्रसव के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

स्वास्थ्य विभाग की गर्भवती महिलाओं से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसव पूर्व जांच कराएं और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई सलाह का पालन करें। प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान का चयन करें तथा किसी भी तरह की परेशानी या आपात स्थिति में घरेलू उपायों के भरोसे समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा में अक्टूबर माह के दौरान दर्ज 106 संस्थागत प्रसव और 9 सफल सिजेरियन ऑपरेशन क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों और मितानिनों के साझा प्रयासों से स्वास्थ्य केंद्र में सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश लगातार जारी है।

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Amar Chouhan

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