राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में रायगढ़ जिले का शानदार प्रदर्शन, पंजीयन में प्रदेश में रहा अव्वल

दो दिवसीय जिला स्तरीय आयोजन में 198 विद्यार्थी समूहों ने प्रस्तुत किए विज्ञान आधारित प्रोजेक्ट, पांच समूह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चयनित

रायगढ़। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, शोध की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने और स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की दिशा में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत जिला स्तरीय आयोजन का सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साधुराम विद्या मंदिर, बायपास रोड रायगढ़ में 3 एवं 4 नवंबर 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए विद्यार्थियों ने अपने विज्ञान आधारित परियोजना कार्यों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में रायगढ़ जिले ने ऑनलाइन पंजीयन के मामले में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।
प्रदर्शनी में 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के कनिष्ठ समूह तथा 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ समूह के विद्यार्थियों ने दो-दो के समूह में हिस्सा लिया। विद्यालयों के माध्यम से मार्गदर्शक शिक्षकों के निर्देशन में विद्यार्थियों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया गया था। दो दिनों तक चले आयोजन में पहले दिन 98 और दूसरे दिन 100 विद्यार्थी समूहों ने अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। इस प्रकार कुल 198 समूहों ने विज्ञान आधारित नवाचार और शोध कार्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
पहले दिन तीन विकासखंडों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
आयोजन के प्रथम दिवस रायगढ़, घरघोड़ा एवं लैलूंगा विकासखंड के विद्यार्थियों ने अपनी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना अधिकारी श्री अभय पांडे, श्रीमती किरण मिश्रा तथा साधुराम विद्या मंदिर के प्राचार्य की उपस्थिति में मुख्य अतिथि पूर्व व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नंदेली के श्री डोलेश्वर प्रसाद पटेल द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रथम दिवस 98 विद्यार्थी समूहों ने अपने प्रोजेक्ट निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए।
दूसरे दिन चार विकासखंडों की सहभागिता
आयोजन के दूसरे दिन खरसिया, पुसौर, तमनार एवं धर्मजयगढ़ विकासखंड के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डी.पी. पटेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री के.के. पटेल, जिला नोडल विज्ञान मंथन के प्रतिनिधि तथा पूर्व व्याख्याता श्री डोलेश्वर प्रसाद पटेल की उपस्थिति में हुआ।
दूसरे दिन भी विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट का अवलोकन कर उनके विषय, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं प्रस्तुतिकरण के आधार पर मूल्यांकन किया। दोनों दिनों के आयोजन में विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कनिष्ठ वर्ग के दो और वरिष्ठ वर्ग के तीन समूहों का चयन
दो दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान प्रस्तुत परियोजनाओं के मूल्यांकन के बाद कनिष्ठ वर्ग के दो तथा वरिष्ठ वर्ग के तीन समूहों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए किया गया है। चयनित समूह अब रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय आयोजन में रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री दिनेश कुमार पटेल, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़, श्री के.के. पटेल, श्री डोलेश्वर प्रसाद पटेल एवं अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षकों को उत्कृष्ट सहभागिता के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए। साथ ही निर्णायक मंडल, आयोजन समिति एवं सहयोगी सदस्यों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम में श्रीमती अनुपमा तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों और आयोजन समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका
जिला स्तरीय निर्णायक मंडल में श्री लाभेश दर्शन, श्री किरण कुमार पटेल, श्रीमती ममता पटेल, श्री युवराज सिंह राज, श्रीमती ज्योति पटेल, श्रीमती प्रीति पटेल, प्राचार्य श्री डी.के. वर्मा, प्रोफेसर टेक राम प्रधान, प्रोफेसर ईश्वर साहू एवं श्री अश्वनी कुमार पटेल शामिल रहे। वहीं सहयोगी के रूप में श्री प्रकाश कुमार पंडा, श्री बनमाली प्रसाद पटेल एवं श्री राजेश पटेल सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती अनुपमा तिवारी ने किया। दो दिवसीय आयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस रायगढ़ श्री कमलेश कुमार पटेल ने संभाली। जिला शैक्षिक समूह के श्री बी.एल. गुप्ता का मार्गदर्शन भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहा।
बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है आयोजन का उद्देश्य
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मूल उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने आसपास की परिस्थितियों और समस्याओं का वैज्ञानिक नजरिये से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थी किसी समस्या की पहचान करते हैं, उसके कारणों को समझते हैं, तथ्यों के आधार पर शोध करते हैं और संभावित समाधान प्रस्तुत करते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रायोजन तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर के आयोजन में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। रायगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय प्रदर्शनी की सफलता और पंजीयन में प्रदेश में प्रथम स्थान जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों को दर्शाता है। अब जिले के चयनित पांच विद्यार्थी समूहों से राज्य स्तरीय मंच पर भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
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