48 घंटे की मोहलत के बाद भी ड्यूटी पर नहीं लौटे पटवारी, एसडीएम ने पूरी अनुपस्थिति अवधि को माना अकार्य दिवस

सेवा में व्यवधान (Break in Service) की सूचना जारी, वरिष्ठता, वेतन वृद्धि और पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा हो सकती है प्रभावित
खरसिया। राजस्व प्रशासन में कार्य के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए खरसिया अनुविभागीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित समय-सीमा में कर्तव्य पर उपस्थित नहीं होने वाले पटवारी के खिलाफ अब प्रशासन ने सेवा संबंधी कड़ा कदम उठाया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया ने पटवारी लालू जी गवेल को सूचना पत्र जारी करते हुए उनकी संपूर्ण अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि को अकार्य दिवस (Dies-non) मानकर सेवा में व्यवधान (Break in Service) माने जाने की जानकारी दी है।
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), खरसिया से 2 नवंबर 2026 को जारी पत्र क्रमांक 1749/का.गो./2026 के अनुसार संबंधित पटवारी को इससे पहले 31 अक्टूबर 2026 को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया था कि पत्र प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर, यानी 2 नवंबर 2026 को कार्यालयीन समय तक अपने निर्धारित हल्के अथवा मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर लंबित समस्त कार्यों का प्राथमिकता से निराकरण करें।
प्रशासन ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि निर्धारित समय-सीमा में कर्तव्य पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उनकी संपूर्ण अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि को ‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत पर अकार्य दिवस घोषित करते हुए सेवा में व्यवधान माना जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
वरिष्ठता से लेकर पेंशन तक पर पड़ सकता है प्रभाव
2 नवंबर को जारी सूचना पत्र में एसडीएम ने उल्लेख किया है कि पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद संबंधित पटवारी उस दिन तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हुए। इसके परिणामस्वरूप उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति की संपूर्ण अवधि को ‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत पर Dies-non मानते हुए सेवा में व्यवधान (Break in Service) माना गया है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस निर्णय से संबंधित कर्मचारी की वरिष्ठता, वेतन वृद्धि तथा पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा प्रभावित होगी। वहीं, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
कलेक्टर कार्यालय को भी भेजी गई प्रतिलिपि
एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी सूचना पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर रायगढ़ की भू-अभिलेख शाखा को भी सादर सूचनार्थ प्रेषित की गई है। वहीं संबंधित कर्मचारी को भी इसकी जानकारी देने का उल्लेख किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बीच कर्तव्य के प्रति जवाबदेही का संदेश गया है। हालांकि, पटवारी की अनुपस्थिति के वास्तविक कारण, उनके द्वारा किसी प्रकार का अवकाश आवेदन प्रस्तुत किए जाने अथवा इस संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण की जानकारी पत्र में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संबंधित पटवारी का पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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