अंधेरे में बिछी थी ताश की बिसात, पुलिस ने पहुंचकर समेट दिए दांव; दो फड़ों से 9 लाख रुपये बरामद

रानीसागर में स्ट्रीट लाइट तो तारापुर में मोमबत्ती की रोशनी में चल रहा था जुए का खेल, 29 लोग गिरफ्तार; खरसिया और रायगढ़ के जुआरियों पर एक साथ कसा शिकंजा
रायगढ़। जिले में जुए के अवैध कारोबार का नेटवर्क किन इलाकों तक फैला है और किस तरह अलग-अलग ठिकानों पर दांव लगाए जा रहे हैं, इसकी एक तस्वीर शनिवार को रायगढ़ पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाइयों में सामने आई। कहीं पुरानी फैक्ट्री की बाउंड्रीवाल के भीतर स्ट्रीट लाइट के नीचे ताश की बाजियां सज रही थीं, तो कहीं मोमबत्ती की रोशनी में जुए का खेल चल रहा था। लेकिन दोनों ही जगहों पर पुलिस की दबिश ने पूरी महफिल उजाड़ दी। खरसिया के रानीसागर और कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम तारापुर में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे तथा जुआ फड़ों से 9 लाख 500 रुपये नकद जब्त किए।
यह कार्रवाई रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जुआ-सट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत की गई। दोनों स्थानों पर एक साथ दबिश देने के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी रायगढ़ राहुल उइके और ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
रानीसागर में फैक्ट्री की बाउंड्रीवाल के भीतर सजी थी जुए की महफिल
खरसिया थाना क्षेत्र के रानीसागर में पुरानी हेक्सा फैक्ट्री की बाउंड्रीवाल के भीतर स्ट्रीट लाइट के नीचे दो पत्ती ताश से रुपये-पैसों का दांव लगाया जा रहा था। पुलिस को यहां खरसिया और घरघोड़ा क्षेत्र के लोगों के जुआ खेलने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके की घेराबंदी कर दबिश दी।
अचानक पुलिस को सामने देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 लोगों को पकड़ लिया। इनके कब्जे और जुआ फड़ से 6 लाख 7 हजार 400 रुपये नकद, ताश की दो गड्डियां और जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही प्लास्टिक की बोरी जब्त की गई।
इस कार्रवाई में घरघोड़ा निवासी कैलाश अग्रवाल और राधेन्द्र गुप्ता सहित खरसिया के विकास अग्रवाल, राजकमल अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, विनय अग्रवाल, अमोल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, संजय कुमार, अंकित कुमार, मुरली अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, अमन कुमार, दिनेश अग्रवाल और शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। इनके अलावा कृष्णा बिहार रायगढ़ निवासी पारस उर्फ पिन्टु, टेन्डा नावापारा निवासी हासित गुप्ता और रायगढ़ निवासी नरेश कुमार भी पकड़े गए।
तारापुर में मोमबत्ती की रोशनी बनी थी जुए की महफिल का सहारा
दूसरी कार्रवाई कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम तारापुर में हुई। यहां एचपी गैस एजेंसी के पास दीवार किनारे मोमबत्ती की रोशनी में ताश के पत्तों पर रुपये दांव पर लगाए जा रहे थे। पुलिस को इस फड़ की सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक, दबिश के दौरान कुछ लोग मौके से भाग निकले, जबकि 10 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। इनके कब्जे और फड़ से 2 लाख 93 हजार 100 रुपये नकद तथा 52 पत्ती ताश की गड्डी जब्त की गई।
पकड़े गए लोगों में बोईरदादर निवासी दिनेश यादव और राजीव लोचन बेहरा, कोष्टापारा निवासी चमनदीप सिंह, रायगढ़ निवासी रौनक अग्रवाल, आकाश गर्ग और विकास अग्रवाल, गौरीशंकर मंदिर के सामने रहने वाले प्रिंस सलूजा, जगतपुर निवासी पंकज कुमार महथा, कबीर चौक निवासी रजत गोयल तथा गजाननपुरम निवासी यश अग्रवाल शामिल हैं।
दो जगह कार्रवाई, एक ही दिन में नौ लाख से अधिक की बरामदगी
दोनों कार्रवाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो रानीसागर से 19 लोगों के पास से 6,07,400 रुपये और तारापुर से 10 लोगों के पास से 2,93,100 रुपये बरामद किए गए। इस तरह कुल 29 गिरफ्तारियों के साथ पुलिस ने 9,00,500 रुपये की नकद राशि जब्त की है।
पुलिस ने दोनों मामलों में गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। तारापुर में कुछ लोगों के मौके से फरार होने की जानकारी भी पुलिस ने दी है।
ऑपरेशन अंकुश के तहत आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस संयुक्त कार्रवाई में सीएसपी राहुल उइके, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, खरसिया थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव, कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष टीम में प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर, मनीषा धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे, प्रधान आरक्षक बालचंद राय, बाबूलाल पटेल, रामनाथ बनर्जी, महेन्द्र कर्ष, महिला प्रधान आरक्षक जेनिपा पन्ना तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
अब निगाह इस बात पर भी रहेगी कि इन कार्रवाईयों के बाद जिले में जुआ फड़ों के संचालन पर कितना प्रभावी अंकुश लगता है और ऐसे अवैध ठिकानों की सूचना पर पुलिस की निगरानी कितनी निरंतर बनी रहती है।
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