रायगढ़ में शराब रेड के दौरान हंगामे का आरोप, प्रशिक्षु SI से धक्का-मुक्की के मामले में चार गिरफ्तार

गढ़उमरिया में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 66 पाव देशी शराब और बिक्री के 400 रुपये किए जब्त, शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में भी दर्ज हुआ अपराध
रायगढ़। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। जूटमिल थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़उमरिया में शराब की अवैध बिक्री की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि शराब बरामदगी की कार्रवाई के बीच एक आरोपी ने भागने का प्रयास किया और उसे छुड़ाने पहुंचीं महिलाओं ने प्रशिक्षु उप निरीक्षक के साथ विवाद करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं और एक युवक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
पुलिस की यह कार्रवाई अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत की गई। मामले में आबकारी अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।
सूचना पर गांव पहुंची पुलिस टीम, थैले में मिली शराब
जूटमिल पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 की रात ग्राम गढ़उमरिया निवासी पिताम्बर उर्फ फुंदु लहरे के अवैध रूप से शराब बनाने और बेचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे के नेतृत्व में पुलिस टीम शासकीय वाहन से गांव पहुंची। टीम में सहायक उप निरीक्षक नरसिंहनाथ यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस ने गवाहों को साथ लेकर संदिग्ध के मकान के पास घेराबंदी की। इसी दौरान एक व्यक्ति थैला लेकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान पिताम्बर लहरे, पिता चैतराम लहरे, निवासी गढ़उमरिया के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, उसके कब्जे से मिले थैले की तलाशी लेने पर 180 एमएल क्षमता वाली प्लास्टिक बोतलों में भरी देशी मसाला शराब के 66 पाव बरामद हुए। शराब की कुल मात्रा 11.880 बल्क लीटर बताई गई है। इसके अलावा बिक्री के 400 रुपये भी जब्त किए गए। पुलिस ने जब्त शराब की कीमत 5,600 रुपये आंकी है।
कार्रवाई के बीच विवाद और धक्का-मुक्की का आरोप
पुलिस के अनुसार, शराब की जब्ती से संबंधित कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की जा रही थी और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही थी। इसी दौरान पिताम्बर के पुलिस अभिरक्षा से निकलकर भागने का प्रयास करने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद महिलाओं के आवाज लगाने पर अन्य महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। इसके बाद बीना लहरे, दुमेश्वरी लहरे और रजनी मिरी सहित संबंधित लोगों की ओर से पुलिस टीम के साथ विवाद किया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की किए जाने तथा पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों को अभिरक्षा में लिया। हालांकि, घटना के संबंध में सामने आए आरोप पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। मामले के सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
दो अलग-अलग अपराध दर्ज
जूटमिल पुलिस ने शराब बरामदगी के मामले में अपराध क्रमांक 651/2026 दर्ज किया है। इसमें आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत कार्रवाई की गई है।
वहीं, शासकीय कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने और आपराधिक बल के कथित इस्तेमाल से जुड़े मामले में अपराध क्रमांक 654/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में पिताम्बर उर्फ फुंदु लहरे के साथ बीना लहरे, दुमेश्वरी लहरे और रजनी मिरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
ये चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
1. पिताम्बर उर्फ फुंदु लहरे (24 वर्ष), पिता चैतराम लहरे, निवासी ग्राम गढ़उमरिया, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़।
2. बीना लहरे (26 वर्ष), पति पिताम्बर लहरे, निवासी ग्राम गढ़उमरिया, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़।
3. दुमेश्वरी लहरे (50 वर्ष), पति चैतराम लहरे, निवासी ग्राम गढ़उमरिया, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़।
4. रजनी मिरी (30 वर्ष), पति हरे कृष्णा मिरी, निवासी कुसापास, सुंदरगढ़, ओडिशा।
एसएसपी का संदेश: अवैध कारोबार और सरकारी काम में बाधा पर होगी कार्रवाई
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
एसएसपी ने आम नागरिकों से अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील भी की है।
गढ़उमरिया की यह कार्रवाई अवैध शराब की बरामदगी के साथ पुलिस के काम में कथित हस्तक्षेप से जुड़े मामले में भी बदल गई है। अब दोनों अपराधों में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
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