“अब राशन भी ATM से: छत्तीसगढ़ में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से खत्म होंगी कतारें, 24 घंटे मिलेगा अनाज”

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में वर्षों से चली आ रही लंबी कतारों, समयबद्ध वितरण और पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है। ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ के रूप में शुरू की गई यह पहल राज्य में राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस नई व्यवस्था के तहत पात्र हितग्राही अब बैंकिंग एटीएम की तर्ज पर स्थापित मशीनों से 24 घंटे कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल उचित मूल्य दुकानों पर लगने वाली भीड़ और इंतजार की समस्या कम होगी, बल्कि समय की बाध्यता भी खत्म हो जाएगी।
प्रणाली को आधार आधारित प्रमाणीकरण से जोड़ा गया है। हितग्राहियों को मशीन से राशन प्राप्त करने के लिए आधार नंबर और बायोमीट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन करना होगा। सत्यापन के बाद मशीन स्वतः पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में अनाज उपलब्ध कराएगी। इस प्रक्रिया से वितरण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही गड़बड़ी, कटौती और फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
प्रारंभिक चरण में इस व्यवस्था को रायपुर के बीरगांव, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख जिलों में लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।
तकनीकी दृष्टि से यह मशीनें एक बार में लगभग 2,500 किलोग्राम तक अनाज भंडारित करने में सक्षम हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति की आवश्यकता कम होगी और वितरण प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल हितग्राहियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि सरकारी निगरानी को भी मजबूत करेगी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, तकनीकी जागरूकता और मशीनों के रखरखाव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, जिन पर प्रभावी अमल के लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा।
फिलहाल, ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ को छत्तीसगढ़ की पीडीएस व्यवस्था में एक प्रयोगात्मक लेकिन दूरगामी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो सफल होने पर राशन वितरण की पारंपरिक प्रणाली को पूरी तरह बदल सकता है।
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