ढलान पर खड़ी ट्रेलर बनी मौत की वजह : बिल्टी लेने गया चालक, लौटते-लौटते जिंदगी ने छोड़ा साथ


Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
घरघोड़ा (रायगढ़), 26 सितंबर।
औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह एक पल में जानलेवा साबित हो सकती है, इसका दर्दनाक उदाहरण घरघोड़ा थाना क्षेत्र से सामने आया है। एक ट्रेलर चालक की जान उस वक्त चली गई, जब उसने ढलान पर खड़ी अपनी ही गाड़ी को काबू में करने की कोशिश की—लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और वही ट्रेलर उसके लिए काल बन गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा ग्राम नवापारा टेंडा स्थित फिल कोल प्राइवेट लिमिटेड परिसर में हुआ। बुधवार शाम ट्रेलर क्रमांक CG 10 EQ 1511 का चालक राजा भईया (पिता रामप्यारे), निवासी जिला चित्रकूट (उत्तर प्रदेश), कोयला लोड करने के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया के लिए गार्ड रूम की ओर गया था। उसने वाहन को कंपनी गेट के पास ढलान में खड़ा कर दिया था—यहीं से लापरवाही की शुरुआत हुई।
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण जमीन पर कीचड़ था और ढलान पर खड़ी ट्रेलर अचानक स्वतः आगे बढ़ने लगी। जैसे ही चालक की नजर अपने वाहन पर पड़ी, वह उसे रोकने के लिए दौड़ पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने खलासी साइड से ट्रेलर पर चढ़कर उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कीचड़ में पैर फिसलने से वह संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया।
स्थिति संभल पाती, उससे पहले ही बढ़ती ट्रेलर का पिछला पहिया उसके कमर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची और शव को अस्पताल भिजवाया गया। परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे लापरवाही का मामला मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक परिसरों में वाहन खड़े करने की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ढलान जैसे संवेदनशील स्थान पर भारी वाहन खड़ा करने के दौरान व्हील लॉक, ब्रेक चेक और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कितना जरूरी है, यह हादसा उसकी गंभीर याद दिलाता है।
मानवीय चूक या सिस्टम की खामी?
प्रथम दृष्टया यह हादसा चालक की एक चूक लग सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संस्थागत सुरक्षा इंतजाम भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं। यदि ढलान पर पार्किंग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और निगरानी होती, तो शायद यह जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों और संभावित जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जा सके।
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