14 चक्का ट्रक में ठूंस-ठूंसकर गौवंश की तस्करी, धरमजयगढ़ पुलिस ने की घेराबंदी कर की कार्यवाई

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़/धरमजयगढ़, 13 अगस्त 2026। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब धरमजयगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जंगल के रास्ते ले जाए जा रहे एक 14 चक्का ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस की सख्ती की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, लेकिन ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए गौवंश की भयावह तस्वीर सामने आ गई।
पुलिस को मौके से कुल 46 गौवंश मिले, जिनमें से 7 की मौत हो चुकी थी, जबकि 39 को जीवित हालत में बाहर निकालकर सुरक्षित बचाया गया। रेस्क्यू किए गए पशुओं को तत्काल कांजी हाउस धरमजयगढ़ पहुंचाकर उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था कराई गई है।
सूचना से कार्रवाई तक: 2 घंटे में घेराबंदी
मिली जानकारी के मुताबिक 12 अगस्त की रात करीब 2:20 बजे धरमजयगढ़ पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि एक भारी वाहन से जंगल मार्ग का उपयोग करते हुए गौवंश की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े ने टीम को सक्रिय किया और बरसापाली जंगल मार्ग पर घेराबंदी की रणनीति बनाई।
जैसे ही पुलिस टीम मौके के करीब पहुंची, तस्करों को इसकी भनक लग गई और वे ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गए। तलाशी के दौरान ट्रक (क्रमांक CG 14 D 0739) तिरपाल से ढका हुआ जंगल के बीच लावारिस हालत में खड़ा मिला।
अमानवीय हालात में भरे गए पशु
ट्रक खोलने पर जो दृश्य सामने आया, उसने पुलिस टीम को भी झकझोर दिया। सीमित जगह में क्षमता से कहीं अधिक गौवंश को ठूंसकर रखा गया था। न चारा, न पानी—और न ही किसी तरह की सुरक्षा। दम घुटने और अव्यवस्थित परिवहन के कारण 7 पशुओं की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
पुलिस टीम—जिसमें एएसआई मंजू मिश्रा, प्रकाश गिरी गोस्वामी और अन्य स्टाफ शामिल थे—ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और जीवित पशुओं को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
तस्करों की तलाश तेज
मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
“तस्करी पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी” — एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है और इसमें शामिल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में पुलिस काम कर रही है।
जनता से अपील
रायगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पशुओं की संदिग्ध आवाजाही या तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर चल रहे अवैध नेटवर्क अब पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
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