छत्तीसगढ़ में ‘प्रवर्तकता कार्यक्रम’ बना सहारा: जरूरतमंद बच्चों को हर माह ₹4,000 तक सहायता, परिवार से बिछड़ने से बचाने की पहल

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर। आर्थिक तंगी, पारिवारिक संकट और सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई बच्चे शिक्षा और समुचित देखभाल से वंचित हो जाते हैं। ऐसे ही बच्चों को मुख्यधारा में बनाए रखने और परिवार से अलग होने की स्थिति से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार का प्रवर्तकता कार्यक्रम (Sponsorship Programme) एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच बनकर सामने आया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत पात्र परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उनका पालन-पोषण, शिक्षा और समग्र विकास प्रभावित न हो।
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■ क्या है प्रवर्तकता कार्यक्रम?
प्रवर्तकता कार्यक्रम उन बच्चों के लिए है जो आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से असुरक्षित स्थिति में हैं। इसमें ऐसे बच्चे शामिल किए जाते हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं, या परिवार की परिस्थितियां इतनी कमजोर हैं कि वे बच्चों की देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं।
इस योजना की खास बात यह है कि बच्चों को अनाथालय या संस्थागत देखरेख में भेजने के बजाय उन्हें उनके अपने परिवार या विस्तारित परिवार के साथ ही सहायता देकर सुरक्षित रखने पर जोर दिया जाता है।
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■ कितनी मिलती है आर्थिक मदद?
योजना के तहत—
– प्रति बच्चा ₹4,000 प्रतिमाह सहायता
– एक परिवार के अधिकतम 2 बच्चों को लाभ
– कुल ₹8,000 प्रतिमाह तक सहायता संभव
– सहायता 18 वर्ष की आयु तक जारी रह सकती है (नियमों के अनुसार)
यह राशि बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
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■ किन बच्चों को मिल सकता है लाभ?
इस योजना में विभिन्न परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को शामिल किया जाता है, जैसे—
– माता-पिता विहीन बच्चे
– एकल माता-पिता के बच्चे
– विधवा या तलाकशुदा महिला के बच्चे
– कारागार में बंद माता-पिता के बच्चे
– गंभीर बीमारी या अशक्तता से प्रभावित अभिभावकों के बच्चे
– बाल श्रम, बाल विवाह या शोषण से प्रभावित बच्चे
– एचआईवी/एड्स या दिव्यांगता से प्रभावित बच्चे
अंतिम पात्रता का निर्धारण विभागीय जांच और मापदंडों के आधार पर किया जाता है।
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■ आय सीमा क्या है?
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी आय सीमित है—
– शहरी क्षेत्र: ₹96,000 वार्षिक तक
– ग्रामीण क्षेत्र: ₹72,000 वार्षिक तक
हालांकि, आवेदन से पहले संबंधित जिला कार्यालय से अद्यतन जानकारी लेना आवश्यक है।

■ आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?
प्रवर्तकता योजना के लिए आवेदन—
– महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय
– या संबंधित परियोजना/आंगनबाड़ी कार्यालय
से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है।
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■ जरूरी दस्तावेज
आवेदन के दौरान सामान्यतः निम्न दस्तावेज मांगे जाते हैं—
– बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड
– जन्म प्रमाण पत्र
– आय प्रमाण पत्र
– निवास प्रमाण पत्र
– बैंक खाता विवरण
– स्कूल से संबंधित दस्तावेज
– मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
– दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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■ कब शुरू हुई योजना?
छत्तीसगढ़ में इस कार्यक्रम का संचालन 10 मार्च 2022 से किया जा रहा है। यह योजना किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत लागू है।
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■ क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
प्रवर्तकता कार्यक्रम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को—
– परिवार से अलग होने से बचाने
– शिक्षा से जुड़ा रखने
– कुपोषण और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने
– सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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■ आज के सामाजिक परिदृश्य में जहां आर्थिक संकट बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है, वहां छत्तीसगढ़ का प्रवर्तकता कार्यक्रम एक संवेदनशील और दूरदर्शी पहल के रूप में उभर रहा है। यदि आपके आसपास कोई बच्चा ऐसी परिस्थितियों में है, तो उसे इस योजना से जोड़ना उसके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है।
नोट: योजना से जुड़ी शर्तें, आय सीमा और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं। आवेदन से पहले संबंधित विभाग से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
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