रायगढ़ महिलाएं बन रहीं स्वावलंबन की नई पहचान, विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति एवं NABARD की पहल से महिला उद्यमियों को मिला बाजार का अवसर

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 03 अगस्त 2026।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में रायगढ़ में एक सशक्त पहल आकार ले रही है। विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा (नाबार्ड) के सहयोग से संचालित “ग्राम दुकान” योजना अब केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
संस्था की पहल पर प्रशिक्षित महिला उद्यमी अब शहर के प्रमुख स्थानों—एसडीएम कार्यालय के सामने, रामभाठा, रेलवे स्टेशन, होटल ट्रिनिटी ग्रैंड तथा अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल बाजार मिल रहा है, बल्कि ग्राहकों से सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।

प्रतिदिन हजारों की बिक्री, बढ़ा आत्मविश्वास
इन स्टॉलों के माध्यम से महिला उद्यमियों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्रतिदिन लगभग 3,000 से 5,000 रुपए तक की बिक्री हो रही है, जो ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और हुनर की सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक बन रहा है।
स्थानीय महिलाओं की सफलता की कहानी
इस पहल से जुड़ी महिलाओं में बड़ेहरदी की रजनी साव, लोढ़ाझर की अनिता साहू, किरोड़ीमल की चन्द्रकला पटेल एवं कुसुमलता साहू प्रमुख रूप से सामने आई हैं। हाल ही में होटल नरियरा नेशन के सामने लगाए गए स्टॉल में रजनी साव और अनिता साहू ने एक ही दिन में लगभग 4700 रुपए के उत्पादों की बिक्री कर उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

प्रशिक्षण से उद्यमिता तक का सफर
इन सभी महिलाओं ने विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के साथ-साथ नाबार्ड के सहयोग से आयोजित नेतृत्व क्षमता विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, उत्पाद गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण, बाजार विश्लेषण और ग्राहक व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं ने अपने कौशल को घरेलू दायरे से बाहर निकालकर उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन की दिशा में कदम बढ़ाया। अब वे नियमित रूप से स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचा रही हैं।

स्थानीय उत्पादों को मिल रहा समर्थन
महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों में मिलेट आधारित खाद्य सामग्री, हल्दी, पापड़, बड़ी, अचार, अगरबत्ती, सर्फ, साबुन, आंवला मुरब्बा, कैंडी सहित विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुएं शामिल हैं। स्थानीय नागरिक इन उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे महिलाओं का उत्साह और उत्पादन क्षमता दोनों बढ़ रही है।
संस्था का फोकस—प्रशिक्षण के साथ बाजार
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति का मानना है कि केवल प्रशिक्षण देने से महिलाओं का सशक्तिकरण अधूरा रह जाता है। वास्तविक परिवर्तन तब आता है, जब उन्हें बाजार, ग्राहक और नियमित आय के अवसर मिलते हैं। इसी सोच के साथ संस्था प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, स्टॉल, प्रदर्शनी और विपणन के अवसर उपलब्ध कराने पर समान रूप से कार्य कर रही है।
अध्यक्ष माया दत्ता की अपील
संस्था की अध्यक्ष श्रीमती माया दत्ता ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में अपार क्षमता है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा देने की है। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं शहर के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर प्रतिदिन हजारों रुपए की बिक्री कर रही हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता से खरीदें। यह न केवल महिला सशक्तिकरण को बल देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
आगे भी जारी रहेगा प्रयास
संस्था द्वारा भविष्य में भी रायगढ़ के विभिन्न स्थानों पर महिला उद्यमियों के लिए स्टॉल और प्रदर्शनी के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। लक्ष्य यह है कि स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार और पहचान मिले, जिससे महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो।
अंततः यह पहल इस बात का उदाहरण बन रही है कि यदि प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार—तीनों का समन्वय हो, तो ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
संपर्क: 8319525070 / 8319553443
— विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति, रायगढ़
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