रायगढ़ में ‘अनैतिक कार्य’ का खुलासा: देह व्यापार के दो ठिकानों पर एक साथ पुलिस की बड़ी रेड, नाबालिगों का रेस्क्यू

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़, 31 जुलाई। शहर में अनैतिक गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए रायगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को समन्वित और योजनाबद्ध कार्रवाई में देह व्यापार के दो अलग-अलग अड्डों का भंडाफोड़ किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में साइबर, कोतवाली और जूटमिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। दो स्थानों—लालटंकी दानीपारा और मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक—पर एक साथ दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं को मुक्त कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
लालटंकी रेड: ‘संदिग्ध नाम’ ने खोले नेटवर्क के तार
कोतवाली क्षेत्र के लालटंकी दानीपारा में पुलिस को लंबे समय से चल रहे देह व्यापार की सूचना मिली थी। सत्यापन के बाद पुलिस ने एक पाइंटर ग्राहक को ₹1500 देकर मौके पर भेजा। तय संकेत मिलते ही टीम ने मकान पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान मकान संचालिका लक्ष्मी शर्मा (46) मौके पर मिलीं, जबकि एक कमरे में ग्राहक ऋषभ शर्मा (24) नाबालिग बालिका के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। दूसरे कमरे से भी एक नाबालिग बालिका बरामद हुई।
पुलिस ने मौके से नकदी, मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। पूछताछ में लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक-दो वर्षों से इस अवैध धंधे का संचालन कर रही थी और ग्राहकों से प्राप्त रकम का हिस्सा लड़कियों को देती थी।
इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराएं 3, 4, 5 तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


मिट्ठूमुड़ा में भी समानांतर कार्रवाई, संचालिका समेत ग्राहक गिरफ्तार
इसी दौरान साइबर और जूटमिल थाना पुलिस ने मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक स्थित एक अन्य मकान पर भी छापेमारी की। यहां संचालिका सुनीता मेहर (48) और ग्राहक अभय सिंह (42) संदिग्ध अवस्था में पाए गए।
पूछताछ में दोनों ने अनैतिक गतिविधि के उद्देश्य से वहां मौजूद होने की बात स्वीकार की। मकान में मौजूद अन्य महिलाओं ने भी बताया कि उन्हें देह व्यापार के लिए बुलाया गया था। मौके से आपत्तिजनक सामग्री बरामद कर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
नाबालिगों का रेस्क्यू, काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा गया
दोनों स्थानों से मुक्त कराई गई नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने तत्काल संरक्षण में लेकर काउंसलिंग कराई और बाद में उनके परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा—
“महिलाओं और बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। अनैतिक देह व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिकों से अपील है कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।”
लगातार जारी रहेगा अभियान
रायगढ़ पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जिले में चल रही इस तरह की अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सघन और लक्षित कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का फोकस अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर है।
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