‘अभियान संवेदना’ : लैलूंगा में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी घंटों में गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सख्त संदेश

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़/लैलूंगा, 29 जुलाई। महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर तेजी और गंभीरता का परिचय दिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के महज कुछ घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मामला 27 जुलाई की शाम का है। परिजनों के अनुसार, बच्ची की दादी उसे घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। लौटने पर बच्ची को रोते देख पूछताछ की गई, तब उसने पड़ोस में रहने वाले युवक सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) पर गंभीर आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल थाना लैलूंगा पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तत्काल सक्रिय हुई पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने बिना विलंब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को सूचना दी। निर्देश मिलते ही पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की कोशिश में है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
पूरे घटनाक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में टीम ने समन्वित कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी गिरधारी साव सहित पुलिस स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने कम समय में आरोपी तक पहुंच बनाकर उसे गिरफ्तार किया।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश—‘कोई समझौता नहीं’
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों में रायगढ़ पुलिस की नीति बिल्कुल स्पष्ट है—ऐसे मामलों में तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि जघन्य अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अभियान ‘संवेदना’ बना भरोसे का आधार
रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ‘अभियान संवेदना’ अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आम लोगों—खासकर महिलाओं और बच्चों—के लिए भरोसे का प्रतीक बनता जा रहा है। इस तरह की त्वरित कार्रवाई न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि संवेदनशील मामलों में समय पर की गई कार्रवाई ही न्याय की दिशा तय करती है और पुलिस की तत्परता अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी बनती है।
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