पेपर लीक पर उबाल: रायपुर में छात्रों का हुजूम सड़कों पर, छ.ग. के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर रविवार को छात्र आक्रोश का केंद्र बन गई, जब बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर लीक के कथित मामले को लेकर अंबेडकर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। हाल के दिनों में देशभर में पेपर लीक की घटनाओं से उपजे असंतोष का असर अब राज्य में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने न केवल परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग भी कर डाली।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर “पेपर लीक बंद करो”, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो” और “जवाबदेही तय करो” जैसे नारे लिखे हुए थे। नारों के बीच गूंज रही आवाजों में एक साझा चिंता साफ झलक रही थी—बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं उनके भविष्य को असुरक्षित बना रही हैं।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही चूकें अब सामान्य बात बनती जा रही हैं, जिससे मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कानून बनाए।
इस विरोध प्रदर्शन को एनएसयूआई का भी खुला समर्थन मिला। संगठन के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका आरोप था कि बार-बार हो रही लापरवाहियों पर ठोस कदम न उठाना व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक भावनात्मक मुद्दा भी उठाया। उन्होंने री-नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की। छात्रों ने कहा कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं, बल्कि उस मानसिक दबाव का प्रतीक है, जिससे आज का विद्यार्थी गुजर रहा है।
राजधानी में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे अब केवल प्रशासनिक फाइलों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सड़कों पर जनभावना का रूप ले चुके हैं। आने वाले दिनों में सरकार इस पर क्या कदम उठाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि दांव पर केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि हजारों छात्रों का भविष्य है।
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