सड़क पर मौत का साया: पूंजीपथरा में हिट-एंड-रन, प्लांट कर्मचारी अजय की इलाज के दौरान मौत

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़। औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत चुकाने को मजबूर हुआ है। अज्ञात वाहन की टक्कर में गंभीर रूप से घायल एक युवा प्लांट कर्मचारी ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। हादसा दो दिन पहले हुआ था, लेकिन गुरुवार को उसकी मौत की खबर ने पूरे इलाके में सन्नाटा पसार दिया।
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के दुगापाली खुर्द-सहसपुर गांव का रहने वाला अजय कुमार (20), पूंजीपथरा स्थित अजय रोलिंग मिल में काम करता था। रोज़मर्रा की तरह कामकाज के बीच उसने 14 जुलाई को कुछ वक्त निकालकर बाइक से आसपास घूमने का फैसला किया—लेकिन यह सफर उसका आखिरी साबित हुआ।
बंजारी मंदिर के पास हुआ हादसा, चालक फरार
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, बंजारी मंदिर और पूंजीपथरा के बीच किसी अज्ञात वाहन ने तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजय सड़क किनारे गंभीर हालत में अचेत पड़ा मिला। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया—जो इस पूरे मामले को हिट-एंड-रन की श्रेणी में लाता है।
108 से अस्पताल, लेकिन नहीं बच सकी जान
राहगीरों की सूचना पर 108 संजीवनी एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में पहचान न होने के कारण पुलिस ने अज्ञात शव के रूप में मर्ग कायम किया, लेकिन बुधवार शाम को पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान अजय कुमार के रूप में की।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
काम की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर आए इस युवा की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन घटना को लेकर आक्रोशित हैं और दोषी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस जांच जारी, आरोपी की तलाश
कोतवाली पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अज्ञात वाहन चालक की पहचान के प्रयास जारी हैं।
सवाल जो फिर खड़े हुए
औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर लगाम कब?
हिट-एंड-रन मामलों में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया क्यों धीमी?
सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठेंगे?
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस लापरवाही की तस्वीर है जो सड़कों पर रोज़ नजर आती है—और अक्सर जान लेकर ही शांत होती है।
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