जिला बदर युवक का पुलिस दफ्तर में ‘ड्रामा’: पेट्रोल बोतल लेकर पहुंचा, हंगामे के बाद सीधे जेल

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 17 जुलाई। कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने का एक सनसनीखेज मामला शुक्रवार को सामने आया, जब जिला बदर किया गया एक युवक पुलिस कार्यालय परिसर में पहुंचकर हंगामा करने लगा। स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब उसके हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी सतर्क हो गए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न केवल हालात को काबू में किया, बल्कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
घटना 16 जुलाई की शाम की बताई जा रही है। कोतवाली थाना क्षेत्र का निवासी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य अचानक पुलिस कार्यालय पहुंचा और अपने खिलाफ हुई जिला बदर की कार्रवाई को लेकर जोर-जोर से शोर-शराबा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक काफी आक्रोशित था और हाथ में प्लास्टिक की बोतल लिए हुए था, जिसमें पेट्रोल भरा हुआ था। संभावित अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए उसके हाथ से बोतल छीन ली।
इसी बीच कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को शांत कराने और समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार उग्र व्यवहार करता रहा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने संज्ञेय अपराध की आशंका के तहत उसे हिरासत में ले लिया और बीएनएसएस की धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
शुक्रवार को आरोपी को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ इस्तगासा क्रमांक 308/2026 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, दो बार हो चुका जिला बदर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 29 वर्षीय चाहत शुक्ला का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2023 से उसके खिलाफ मारपीट सहित कई मामले दर्ज हैं। बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसे वर्ष 2024 में एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। हालांकि, अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया, जिसके चलते 2025 में फिर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसके बाद जिला दंडाधिकारी ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत आदेश जारी कर उसे रायगढ़ समेत आसपास के कई जिलों की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बावजूद आरोपी ने आदेश की अवहेलना करते हुए जिले में प्रवेश किया, जो उसकी गिरफ्तारी की बड़ी वजह बना।
एसएसपी का सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वालों या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी। उन्होंने कहा कि लोक शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिला बदर जैसे कड़े आदेशों के बावजूद आरोपी किस तरह जिले में प्रवेश कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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