रेलवे संपत्ति पर डाका डालने वाला गिरोह बेनकाब: घरघोड़ा पुलिस की सर्जिकल कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 19 जून 2026।
रेलवे संपत्ति को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का आखिरकार भंडाफोड़ हो ही गया। घरघोड़ा पुलिस की सतर्कता, मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना और समय पर की गई घेराबंदी ने चार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इनकी गिरफ्तारी के साथ न केवल रेलवे तांबा तार चोरी के तीन बड़े मामलों का खुलासा हुआ, बल्कि एक उठाईगिरी की वारदात भी सुलझ गई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 178 मीटर तांबा तार और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त माल की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है, जबकि कुल चार मामलों में करीब दो लाख रुपये से अधिक की चोरी सामने आई है।
रेलवे लाइन बन रही थी आसान निशाना
मामले की परतें खोलने पर सामने आया कि आरोपी रेलवे की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन और साइडिंग क्षेत्रों को निशाना बनाते थे। फरवरी से जून 2026 के बीच अलग-अलग स्थानों—कारीछापर, घरघोड़ा साइडिंग और छाल-घरघोड़ा रेलखंड—से तांबा तार चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं से रेलवे को आर्थिक नुकसान के साथ सुरक्षा संबंधी खतरा भी उत्पन्न हो रहा था।
उठाईगिरी भी करते थे आरोपी
गिरोह केवल रेलवे संपत्ति तक सीमित नहीं था। अप्रैल माह में पंजाब नेशनल बैंक से निकाली गई 40 हजार रुपये की रकम को मोटरसाइकिल की डिक्की से पार करने की वारदात भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दी थी। इस घटना ने पुलिस को यह संकेत दिया कि गिरोह बहु-आयामी अपराधों में सक्रिय है।
घेराबंदी में फंसे आरोपी
थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार इन घटनाओं पर नजर रखे हुए थी। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद ढोरम बायपास में रणनीतिक घेराबंदी की गई, जहां चारों संदिग्धों को दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बिना देर किए अपने अपराध कबूल कर लिए।
जंगल में छिपा रखा था चोरी का माल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने चोरी किए गए तांबा तार को मुस्कुरा जंगल में छिपाकर रखा था। निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों के कब्जे से तार बरामद किया। चोरी का माल फेरी लगाकर कबाड़ियों को बेचने की तैयारी थी, जिससे पुलिस ने समय रहते बड़ा नेटवर्क टूटने से पहले ही पकड़ लिया।
अपराध की कमाई शराब और मौज में उड़ाई
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी और उठाईगिरी से मिले पैसों को आपस में बांटकर शराब और अन्य खर्चों में उड़ा दिया जाता था। यह गिरोह तेजी से पैसा कमाने के लालच में लगातार अपराध की राह पर बढ़ता जा रहा था।
पुलिस की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि रेलवे संपत्ति से छेड़छाड़ केवल चोरी नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
इस पूरे ऑपरेशन में थाना घरघोड़ा की टीम ने सराहनीय समन्वय और सक्रियता दिखाई। निरीक्षक कुमार गौरव साहू के साथ एएसआई डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
गिरफ्तार आरोपी
चारों आरोपी घरघोड़ा थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी हैं और लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त थे। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।
घरघोड़ा पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि संगठित अपराध भले ही योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, लेकिन कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं है। रेलवे जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में यह कार्रवाई एक अहम कदम मानी जा रही है।
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