किसानों के हितों के प्रहरी बने यू.एन. नगाईच, तमनार में खाद कालाबाजारी लगातार कर रहे कार्रवाई (देखें वीडियो)

तमनार में खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा: 52 बोरी डीएपी जब्त, स्टॉक गड़बड़ी पर बिक्री भी रोकी गई

Journalist Amardeep chauhan
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रायगढ़/तमनार, 16 जून 2026। खरीफ सीजन की दस्तक के साथ ही उर्वरकों की मांग बढ़ते ही कालाबाजारी की आशंकाएं भी तेज हो जाती हैं। इस बार जिला प्रशासन ने शुरुआती चरण में ही सख्ती दिखाते हुए तमनार क्षेत्र में एक अहम कार्रवाई की है, जिसमें अवैध रूप से परिवहन की जा रही 52 बोरी डीएपी खाद को जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन को भी कब्जे में लेकर थाना तमनार में सुरक्षित रखा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के बाराद्वार से तमनार के भालूमुड़ा क्षेत्र तक खाद की यह खेप लाई जा रही थी। कृषि विभाग की टीम को लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में डीएपी खाद पाई गई, लेकिन परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रथम दृष्टया मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन का प्रतीत हो रहा है।

कार्रवाई का नेतृत्व विकासखंड कृषि विस्तार अधिकारी यू.एन. नगाईच ने किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, “खाद किसानों के लिए है और यह किसानों तक ही पहुंचे, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
गुणवत्ता पर भी सवाल, जांच के लिए भेजे गए नमूने
जब्त की गई डीएपी खाद की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया गया है। विभाग ने खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि न केवल अवैध परिवहन बल्कि घटिया गुणवत्ता की खाद भी किसानों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
स्टॉक में गड़बड़ी, विक्रय पर तत्काल रोक
इसी कार्रवाई के दौरान झींकाबहाल स्थित एक उर्वरक विक्रेता—प्रतीक कृषि सेवा केंद्र—में भी अनियमितता सामने आई। जांच में भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर पाया गया। इसे गंभीर मानते हुए विभाग ने केंद्र के उर्वरक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जिले में अब तक 4 जब्ती, 20 प्रतिबंध के मामले
कृषि विभाग की सतत निगरानी का ही परिणाम है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बाद अब तक जिले में उर्वरक जब्ती के 4 प्रकरण और विक्रय प्रतिबंध के 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
किसानों से अपील—सिर्फ पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें खाद
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और हर खरीदारी पर बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता की जानकारी तत्काल विभाग को देने की भी अपील की गई है।
तमनार की यह कार्रवाई संकेत देती है कि इस बार प्रशासन खाद की कालाबाजारी को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। हालांकि असली परीक्षा आने वाले हफ्तों में होगी, जब मांग अपने चरम पर पहुंचेगी और बाजार में दबाव बढ़ेगा।
News associate Naresh rathiya
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