डिजिटल सबूतों की जकड़ में आरोपी: महिला वकील हत्या कांड में रायगढ़ पुलिस का दावा—“सजा तय”

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ की बहुचर्चित महिला वकील आराधना सिदार हत्याकांड में पुलिस ने जांच को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने का दावा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में जुटाए गए भौतिक और डिजिटल साक्ष्य इतने मजबूत हैं कि आरोपी को सजा दिलाने में कोई बाधा नहीं आएगी।
रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में 17 मई को आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस संवेदनशील हत्याकांड के कई अहम पहलुओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी और मृतिका के बीच संपर्क की शुरुआत नवंबर 2024 में फेसबुक के जरिए हुई थी, जो धीरे-धीरे निजी बातचीत और नजदीकियों में बदल गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोकनाथ पटेल पहले से विवाहित था और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2025 में दुष्कर्म के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसमें वह जेल भी गया और 28 फरवरी 2026 को जमानत पर रिहा हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से मृतिका से संपर्क साधा और संबंधों को आगे बढ़ाया।
पुलिस के अनुसार, जब मृतिका ने आरोपी पर शादी का दबाव बनाना शुरू किया, तब उसने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और साक्ष्यों के जाल में वह बच नहीं सका।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि आरोपी ने मृतिका के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से महिला की आवाज में बात की, ताकि हत्या की जानकारी बाहर न आ सके। पुलिस ने जब पुष्टि के लिए आरोपी से कॉल कराया, तो उसने खुद महिला की आवाज में बातचीत कर यह साबित कर दिया कि वह ऐसा कर सकता है। पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसा किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतिका का मोबाइल फोन, घटना के समय पहने कपड़े, कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित कई महत्वपूर्ण भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इन सभी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे अभियोजन पक्ष को मजबूती मिलेगी।
जांच के दौरान मृतिका के सीनियर अधिवक्ता भुनेश्वर बंद गोस्वामी और अन्य वकील फूल सिंह यादव की मौजूदगी में कई प्रक्रिया पूरी की गई। दोनों अधिवक्ताओं ने जांच प्रक्रिया पर संतोष जताया है।
इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों को लेकर भी चिंता जताई है। एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट तथ्यों को साझा करने से बचें और यदि किसी के पास मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो उसे पुलिस के साथ साझा करें।
एसएसपी का संदेश:
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस इस प्रकरण की जांच पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक तरीके से कर रही है। आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं और कानून के दायरे में रहकर उसे कड़ी सजा दिलाना प्राथमिकता है।
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