रायगढ़: बीएस स्पंज एंड आयरन प्लांट में बड़ा हादसा, जलते कोयले से झुलसा 24 वर्षीय मजदूर… सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र में बंजारीधाम के पास स्थित बीएस स्पंज एंड आयरन प्लांट में कार्यरत एक युवा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद मजदूर की हालत ऐसी है कि वह काम करने में असमर्थ है। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायगढ़ जिले के ग्राम तमनार गोढ़ी (बरभाठा चौक) निवासी 24 वर्षीय करन यादव, पिता हेमलाल यादव, बीएस स्पंज एंड आयरन कंपनी में ठेकेदार गुप्ता के अधीन हेल्पर के रूप में कार्यरत था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे ड्यूटी के दौरान उसके शूज के अंदर जलता हुआ कोयला गिर गया, जिससे उसका पैर बुरी तरह से झुलस गया।


बताया जा रहा है कि हादसे के समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी नहीं थे। घटना के बाद घायल मजदूर ने स्वयं अपना उपचार तमनार में स्वयं के खर्च से कराया, लेकिन वर्तमान में वह काम करने की स्थिति में नहीं है। इससे उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय सूत्रों और श्रमिकों के अनुसार, प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को पर्याप्त सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने और कार्यस्थल पर निगरानी की कमी जैसे आरोप सामने आ रहे हैं।


इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं? साथ ही, यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है या नहीं।
घटना के बावजूद अब तक कंपनी प्रबंधन की ओर से इलाज का खर्च नहीं दिया गया ना ही किसी ठोस कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, घायल मजदूर को मुआवजा और उचित सहायता मिलने को लेकर भी स्थिति संयश में है।
एक बार कंपनी में शिकायत करने के बाद उक्त मजदूर को प्रबंधन ने बुलाया तो था पर किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय सहायता राशि अभी तक अदेय है वहीं ठेकेदार द्वारा इलाज का पूरा बिल लाने की बात कहते हुए मदद करने में आनाकानी की जा रही है, जिसकी वजह से मजदूर अब कानून और न्यायलय की शरण में जाने को मजबूर हो सकता है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने इस मामले में शासन-प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि न केवल इस घटना की जांच होनी चाहिए, बल्कि पूरे प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट भी किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
यह हादसा सिर्फ एक मजदूर की दुर्घटना नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत को उजागर करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी दोहराए जा सकते हैं।
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