Latest News

“महंगाई की मार, रोजगार का अभाव और ‘सलाहों की राजनीति’: रायगढ़ में कांग्रेस का तीखा हमला”

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़। देश में लगातार बढ़ती महंगाई, घटते रोजगार अवसर और आर्थिक नीतियों को लेकर सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। रायगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी आज अभूतपूर्व आर्थिक दबाव में जीने को मजबूर है, जबकि सरकार केवल अपीलों और भाषणों तक सीमित नजर आ रही है।

प्रेस वार्ता में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 2013 की तुलना में आज 2026 में आवश्यक वस्तुओं के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि सोने की कीमत जहां 28 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी, वह अब डेढ़ लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है। इसी तरह खाद्य पदार्थों—चावल, दाल, तेल और दूध—की कीमतों में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।

नेताओं का कहना था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बने रहने के कारण परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर खेती और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। “आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा चुका है,” यह कहते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई नियंत्रित करने में विफल रही है।

‘सलाहों से नहीं चलता घर’—कांग्रेस का तंज

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता को राहत देने के बजाय उन्हें कम उपभोग करने की सलाह दी जा रही है—चाहे वह खाद का इस्तेमाल हो या घरेलू जरूरतों में कटौती। “वर्क फ्रॉम होम” जैसी सलाहों को भी उन्होंने जमीनी हकीकत से दूर बताया, यह कहते हुए कि देश का एक बड़ा तबका ऐसा है, जिसका काम घर बैठे नहीं चल सकता।

विदेश यात्राएं और खर्च पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा था कि अब तक की यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि देश के भीतर बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और विदेश से कोई विशेष लाभ या विदेशनीति ठप है साथ ही, उन्होंने महंगे सरकारी विमानों और अन्य खर्चों को लेकर भी सरकार को घेरा।

पेट्रोलियम टैक्स और आर्थिक बोझ

पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए टैक्स को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। नेताओं का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद आम जनता को राहत नहीं दी गई। उल्टे टैक्स के जरिए भारी राजस्व जुटाया गया, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ा।

छत्तीसगढ़ में खाद संकट का मुद्दा

राज्य के संदर्भ में कांग्रेस नेताओं ने खाद की कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि किसानों को समय पर यूरिया और डीएपी नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। सरगुजा और अन्य क्षेत्रों में डीजल की कमी के कारण उद्योगों और परिवहन पर भी असर पड़ने की बात कही गई।

राजनीतिक संदेश और आगे की रणनीति

प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर ठोस कदम उठाए। एक्साइज ड्यूटी और जीएसटी में कटौती कर आम जनता को राहत देने की मांग दोहराई गई। साथ ही यह भी कहा गया कि विपक्ष को साथ लेकर आर्थिक चुनौतियों का समाधान निकालना समय की जरूरत है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रहेंगे। रायगढ़ की यह प्रेस वार्ता केवल स्थानीय प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उभरती आर्थिक बहस का एक महत्वपूर्ण संकेत भी है।

Now U can Download Amar khabar from google play store also.

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button