आंगनबाड़ी केंद्रों में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: मानदेय कटौती से दिया सख्त संदेश
Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 14 मई 2026।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पाई गई लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर कार्रवाई की है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि उन लाभार्थियों की स्थिति भी उजागर कर दी, जिन तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पा रहा था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा शहर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कयाघाट बी, सिंघल सॉमिल, सरईभदर और गांधीनगर सी केंद्रों की व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर केंद्र संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा था। कहीं उपस्थिति में कमी थी तो कहीं पोषण आहार वितरण और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही सामने आई।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कयाघाट बी की कार्यकर्ता मेनका कुर्रे एवं सहायिका निकिता चौहान, सिंघल सॉमिल की सुनीता वारे एवं राजमति माली, सरईभदर की पदमा सारथी एवं सोनी जायसवाल तथा गांधीनगर सी की शिवनंदनी भास्कर एवं सीमा बर्मन के एक दिवस के मानदेय में कटौती के आदेश जारी किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक शासकीय औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है, बल्कि शासन की मंशा पर भी प्रतिकूल असर डालती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारात्मक पहल का हिस्सा है। आने वाले समय में निरीक्षण और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। साथ ही, यह भी संकेत दिया गया है कि यदि भविष्य में इसी प्रकार की लापरवाही दोहराई जाती है, तो और कठोर कदम उठाने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है—एक ऐसा संदेश, जो यह स्पष्ट करता है कि जमीनी स्तर पर जवाबदेही अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी।
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