Latest News

नवरत्न कंपनी भी घेरे में: एनटीपीसी पर कार्रवाई के साथ छह उद्योगों पर जुर्माना, प्रदूषण पर सख्ती के संकेत

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़, 30 अप्रैल।
जिले में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बीते छह दिनों में छह कंपनियों पर कुल लगभग पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। खास बात यह रही कि इस कार्रवाई की जद में देश की प्रतिष्ठित नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी NTPC Limited की लारा इकाई भी आई, जिस पर फ्लाई ऐश परिवहन में लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

पर्यावरण विभाग की यह कार्रवाई नवपदस्थ क्षेत्रीय अधिकारी मानवेन्द्र शेखर पांडे के निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी इकाई को छूट नहीं दी जाएगी, चाहे वह निजी क्षेत्र की हो या सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनी।

एनटीपीसी पर क्यों हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान एनटीपीसी लारा से फ्लाई ऐश लेकर जा रहे एक वाहन को पकड़ा गया, जिससे गीली ऐश रास्ते भर गिर रही थी। यह न केवल सड़क प्रदूषण का कारण बन रहा था, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी धूल और गंदगी फैलने की आशंका थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कंपनी पर 61,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी कंपनियों से अपेक्षा रहती है कि वे पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन करें, ऐसे में इस तरह की चूक जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।

अन्य उद्योग भी कार्रवाई की जद में
कार्रवाई केवल एनटीपीसी तक सीमित नहीं रही। फ्लाई ऐश प्रबंधन और परिवहन में गड़बड़ी पाए जाने पर श्री श्याम इस्पात और सिंघल स्टील एंड पावर पर क्रमशः 1.31 लाख और 1.14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों कंपनियों द्वारा अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद भी एश का परिवहन किया जा रहा था और वाहनों की एंट्री पोर्टल में दर्ज नहीं थी।

वहीं, Vimla Infrastructure Pvt. Ltd. की कोल वॉशरी और रेलवे साइडिंग में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कोयले का अव्यवस्थित भंडारण और डस्ट नियंत्रण के उपायों की कमी के कारण यहां 62,500 और 37,500 रुपये का जुर्माना किया गया।

इसी तरह Sunil Ispat and Power Ltd. पर भी बिना ढके फ्लाई ऐश परिवहन और पोर्टल एंट्री में लापरवाही के चलते 61,785 रुपये का दंड लगाया गया।

प्रदूषण के कई स्रोत, बढ़ती चिंता
जिले में प्रदूषण की समस्या केवल फ्लाई ऐश तक सीमित नहीं है। कोयले के परिवहन के दौरान सड़कों पर गिरता कोयला, औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाली धूल और कोल यार्ड्स में डस्ट नियंत्रण की कमी भी प्रदूषण के प्रमुख कारण बन रहे हैं।

पर्यावरण विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और कार्रवाई के जरिए उद्योगों को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद उल्लंघन पाए जाने पर सख्ती जारी रहेगी।

सख्ती का संदेश या शुरुआती कदम?
विशेषज्ञ मानते हैं कि एनटीपीसी जैसी नवरत्न कंपनी पर कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संकेत है कि प्रशासन अब बड़े और प्रभावशाली संस्थानों पर भी समान रूप से नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित न रहे, बल्कि दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित किए जाएं।

फिलहाल, इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर अब ढिलाई की गुंजाइश कम होती जा रही है और आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त हो सकती है।

अन्य अधिक खबरों के लिए क्लिक करें https://amarkhabar.com/

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button