Latest News

बच्चों की राशि में खेल! शिक्षक-प्राचार्य खुद बने वेंडर, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी कड़ी चेतावनी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, सामग्री क्रय और अन्य सुविधाओं के लिए प्रतिवर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत राशि उपलब्ध कराई जाती है। इन योजनाओं का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

लेकिन जमीनी स्तर से सामने आ रही जानकारी बेहद चिंताजनक है। प्रदेश के कई प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूलों में शासन द्वारा बच्चों के लिए दी गई राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार कई विद्यालयों में प्राचार्य और शिक्षक स्वयं ही वेंडर बनकर सामग्री की आपूर्ति दिखा रहे हैं, जो कि वित्तीय नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है।

वित्तीय नियमों और शासकीय सेवा आचरण के अनुसार कोई भी शासकीय कर्मचारी उसी संस्था में वेंडर बनकर सामग्री की आपूर्ति नहीं कर सकता, जहां वह पदस्थ हो। इस प्रकार की स्थिति को हितों के टकराव (कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट), वित्तीय अनियमितता और शासन की पारदर्शिता नीति के विरुद्ध माना जाता है।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रेस रिपोर्टर क्लब ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों के अधिकारों और शासन की राशि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने कहा कि शासन द्वारा बच्चों के विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दी जाने वाली राशि पूरी तरह विद्यार्थियों के हित में खर्च होनी चाहिए। यदि कोई प्राचार्य या शिक्षक स्वयं वेंडर बनकर उसी राशि से भुगतान लेता है, तो यह न केवल वित्तीय नियमों का उल्लंघन है बल्कि बच्चों के अधिकारों के साथ भी अन्याय है।

उन्होंने बताया कि प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूलों की पहचान कर रहा है, जहां शिक्षक या प्राचार्य स्वयं वेंडर बनकर सरकारी राशि का उपयोग दिखा रहे हैं।

संजय सोनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दस्तावेजों के साथ शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो इस प्रकार की अनियमितताएं बच्चों के भविष्य को प्रभावित करेंगी। इसलिए शासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि ऐसे मामलों में तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button