38 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद शिक्षक प्रेमसागर मिश्रा का भावभीना विदाई सम्मान

Journalist Amardeep chauhan
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हमीरपुर (तमनार)
तमनार जनपद पंचायत के संकुल हमीरपुर स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में बुधवार, 17 जून 2026 को एक गरिमामय समारोह के बीच वरिष्ठ शिक्षक एवं राज्य शासन व्याख्याता श्री प्रेमसागर मिश्रा को सेवा निवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में शाला परिवार, शिक्षकगण, पूर्व कर्मचारी, ग्रामीण जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन समिति, छात्र-छात्राएं एवं मिश्रा परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्राचार्य श्री एन. साय के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह में वक्ताओं ने श्री मिश्रा के 38 वर्ष 9 माह 18 दिनों के दीर्घ एवं अनुकरणीय शिक्षकीय जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि श्री मिश्रा न केवल एक अनुशासनप्रिय शिक्षक रहे, बल्कि अपने मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के कारण विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच हमेशा सम्मानित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षक चतुर्भुज साव (प्राचार्य, देवगढ़), एम.डी. मानिकपुरी, चंद्रमणि ठेठवार, बद्री प्रसाद मिश्रा, पी. साहू, के.पी. पटेल, तोषराम पटेल, एल.पी. यादव, मुरलीधर प्रधान, मुरलीधर शर्मा एवं अन्य वक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की है।
जनपद पंचायत पुसौर से अध्यक्ष श्रीमती मानी सतपथी सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्रभात मिश्रा, लक्ष्मीकांत मिश्रा, मैथिली मिश्रा, चंद्रकांत लगड़, श्यामलाल खंडैत, श्रीधर प्रधान, प्रह्लाद राव वैद्य, अनिल मिश्रा, हीरा बारीक सहित अन्य उपस्थित जनों ने श्री मिश्रा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
श्री प्रेमसागर मिश्रा का जन्म 12 मई 1962 को हमीरपुर के प्रतिष्ठित गौटिया परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद हायर सेकंडरी शिक्षा रायगढ़ में तथा उच्च शिक्षा किरोड़ीमल महाविद्यालय से ग्रहण की। 14 अगस्त 1987 को उन्होंने नवीन मिडिल स्कूल बिजना में सहायक शिक्षक के रूप में अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेंगारबहरी, तमनार, गोढ़ी, बसंतपुर सहित विभिन्न विद्यालयों में सेवाएं दीं तथा बीआरसी स्तर पर डीपीईपी योजना में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से कन्या शाला गोढ़ी में उन्होंने बालिकाओं को संगीत एवं नृत्य कला में प्रशिक्षित कर राज्य स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
उनके मार्गदर्शन में शिक्षित कई छात्र आज स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सेना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं, जो उनके शिक्षकीय योगदान की जीवंत मिसाल है।
समारोह के अंत में सभी उपस्थितजनों ने श्री मिश्रा के उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। वातावरण भावुकता से भर गया जब विद्यार्थियों और सहकर्मियों ने अपने प्रिय शिक्षक को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
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