सनसनीखेज हत्याकांड: महिला की हत्या के बाद शव से दुष्कर्म, पहचान मिटाने को अंग काटकर गठरियों में छिपाया, आरोपी गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
बेमेतरा, 18 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सामने आया एक जघन्य हत्याकांड न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाला है। चंदनू थाना क्षेत्र के एक गांव में 50 वर्षीय महिला की हत्या के बाद शव के साथ अमानवीय कृत्य और साक्ष्य मिटाने की कोशिश ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। पुलिस ने आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली (42) को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है।
लापता रिपोर्ट से खुला भयावह राज
मामले की शुरुआत 7 जुलाई को तब हुई, जब सोनपुरी निवासी गोवर्धन मंजारे ने अपनी मां के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। परिजनों द्वारा की गई तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन बाद 9 जुलाई को अमरैया नाला और शिवनाथ नदी किनारे साड़ी में बंधी संदिग्ध गठरियां मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
गठरियां खोले जाने पर एक में महिला का धड़ और दूसरी में हाथ-पैर पाए गए। शव की हालत खराब हो चुकी थी, जिससे स्पष्ट था कि अपराध को छिपाने के लिए गंभीर प्रयास किए गए थे।
ब्लाइंड मर्डर से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया। जांच में एफएसएल, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया गया।
एक अहम सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति गठरी ले जाते हुए नजर आया, जो इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
वारदात की रात: विरोध पर की हत्या
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 6 जुलाई की रात आरोपी महिला के घर पहुंचा। महिला के पति से पुरानी रंजिश के चलते वह पहले से ही दुर्भावना रखता था। घर में महिला अकेली थी। आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की, लेकिन विरोध होने पर उसने फावड़े के बेंत से महिला के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: शव के टुकड़े कर छिपाया
हत्या के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से घर में मौजूद आरी से शव के हाथ और पैर अलग कर दिए। शरीर के हिस्सों को अलग-अलग गठरियों में बांधकर अपनी झोपड़ी में एक दिन तक छिपाए रखा। बाद में रात के अंधेरे में उन्हें अमरैया नाला और शिवनाथ नदी किनारे फेंक दिया।
लूट का एंगल भी आया सामने
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी मृतका के घर से 2,500 रुपये नकद भी लेकर फरार हुआ। इसमें से 500 रुपये बरामद किए गए हैं, जबकि शेष रकम खर्च कर दी गई।
पुराना आपराधिक इतिहास भी उजागर
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी गंभीर अपराध में शामिल रह चुका है। वर्ष 2017 में वह एक महिला की हत्या के मामले में सजा काट चुका है। इस पृष्ठभूमि ने पुलिस के शक को और मजबूत किया।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण: मानसिक विकृति की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार, मृत शरीर के प्रति असामान्य यौन आकर्षण को एक गंभीर मानसिक विकार माना जाता है। हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले आरोपी की मानसिक स्थिति का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक होता है।
एसपी का बयान
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने बताया कि यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर था, जिसमें शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं था। वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी के जरिए आरोपी तक पहुंचा गया।
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आपराधिक प्रवृत्ति और मानसिक विकृति का घातक मेल किस हद तक समाज के लिए खतरनाक हो सकता है। पुलिस की त्वरित और तकनीकी जांच ने एक जटिल मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल भी छोड़ गई है—सुरक्षा, निगरानी और अपराधियों के पुनर्वास को लेकर।
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