मेहनत की मिसाल बना बागबाड़ी का बेटा: पीयूष बेहरा ने 96.4% अंक लाकर रचा सफलता का नया इतिहास

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
तमनार। सावित्रीनगर स्थित ओ.पी. जिंदल स्कूल का नाम इस बार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं परीक्षा के परिणामों में खास तौर पर चमक उठा है। इस गौरव के केंद्र में हैं ग्राम बागबाड़ी के होनहार छात्र पीयूष बेहरा, जिन्होंने 96.4 प्रतिशत अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
पीयूष, मनबोध बेहरा के सुपुत्र हैं और उनकी यह उपलब्धि किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार की गई मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य का प्रतिफल है। गांव की पृष्ठभूमि से निकलकर इस स्तर की सफलता हासिल करना अपने आप में एक प्रेरणादायक कहानी है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए दिशा दिखाती है।
सफलता के पीछे की सोच और संघर्ष
अपनी इस उपलब्धि पर पीयूष बेहद सहज अंदाज में कहते हैं, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।” वे अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अपनी कामयाबी की असली कुंजी मानते हैं। उनका मानना है कि यदि छात्र अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें, एक व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाएं और उस पर दृढ़ता से टिके रहें, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं।
विद्यालय ने भी जताया गर्व
ओ.पी. जिंदल स्कूल, सावित्रीनगर के प्राचार्य ने पीयूष की उपलब्धि को विद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पीयूष शुरू से ही एक अनुशासित, समर्पित और जिज्ञासु छात्र रहा है। उसकी मेहनत और लगन ने आज यह मुकाम दिलाया है, जो आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
परिवार की खुशी में झलकता संतोष
पीयूष के माता-पिता की आंखों में इस सफलता की खुशी साफ झलकती है। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे की इस उपलब्धि में स्कूल का शैक्षणिक माहौल और शिक्षकों का मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत रहा।
गांव से उठी एक मिसाल
बागबाड़ी जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर पीयूष बेहरा ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि संकल्प की कमी ही सबसे बड़ी बाधा होती है। उनकी यह सफलता उन तमाम छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
यह उपलब्धि सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है, जो मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन को सफलता का आधार मानती है।
News associate Pradeep behra