जमीन की रंजिश में खौफनाक वारदात: 72 घंटे में सुलझा ‘ब्लाइंड’ डबल मर्डर, दो सगे भाई गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 18 जुलाई 2026।
धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में बुजुर्ग दंपति की हत्या और शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा कर दिया है। इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने वर्षों पुराने भूमि विवाद की रंजिश में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
पहले हत्या, फिर आगजनी से साक्ष्य मिटाने की कोशिश
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने 14 जुलाई की रात टांगी (धारदार हथियार) से दंपति पर हमला कर उनकी हत्या की। इसके बाद घटना को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शवों पर घर का सामान डालकर आग लगा दी गई। इतना ही नहीं, घर के अन्य हिस्सों में भी आग लगाकर पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
मृतकों की पहचान मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के रूप में हुई है, जिनके जले हुए शव 15 जुलाई की सुबह उनके घर के भीतर पाए गए थे।
डॉग स्क्वॉड ‘रूबी’ और एफएसएल ने खोली गुत्थी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की गई। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट और डॉग स्क्वॉड ‘रूबी’ की मदद से जांच को निर्णायक दिशा मिली। डॉग स्क्वॉड ने सीधे एक संदिग्ध तक पहुंचने का संकेत दिया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) के आधार पर जांच तेज की।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों और मृतक के बीच लंबे समय से भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन बाद में दूसरे सौदे में मृतक के पास चली गई थी। भले ही आरोपियों को उनकी रकम वापस मिल गई थी, लेकिन जमीन पर मृतक द्वारा मकान निर्माण और खेती किए जाने से उनके मन में लगातार रंजिश बनी हुई थी।
इसी रंजिश ने 14 जुलाई की रात हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही मृतक ने दरवाजा खोला, आरोपियों ने टांगी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर बाहर आई पत्नी को भी नहीं बख्शा गया और दोनों की मौके पर ही हत्या कर दी गई।
साक्ष्य और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले के खुलासे पर कहा कि “अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने अपराधी बच नहीं सकते। भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में ही होना चाहिए, अन्यथा इसका परिणाम विनाशकारी होता है।”
समन्वित कार्रवाई से सफलता
इस पूरे प्रकरण के खुलासे में धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच और तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जमीन विवाद जैसे मुद्दे, यदि समय रहते सुलझाए न जाएं, तो वे गंभीर और घातक अपराधों का कारण बन सकते हैं।
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