एक ही रात में दो घरों में मातम: घरघोड़ा क्षेत्र में सांप के काटने से दो मासूमों की मौत, एक युवक का इलाज जारी

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही रात में अलग-अलग स्थानों पर सांप के काटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक का उपचार जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना कुडुमकेला गांव की है, जहाँ 14 वर्षीय किशोर धीरज दास (पिता – बिसाहू दास) की सांप के काटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 31 जुलाई 2026 की रात लगभग 10 बजे धीरज खाना खाकर अपने घर में पलंग पर सो रहा था। इसी दौरान सोते समय उसे जहरीले सांप ने डस लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। परिजनों ने जब यह स्थिति देखी तो उनके होश उड़ गए और तत्काल उसे घरघोड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी दर्दनाक घटना चारमार गांव की है, जहाँ मात्र 5 माह के मासूम नयांश धनवार (पिता – संजय धनवार) की भी सांप के काटने से जान चली गई। इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि बच्चे के पिता, 25 वर्षीय संजय धनवार (पिता – परदेशी चौहान) को भी सांप ने काट लिया, जिनका इलाज फिलहाल अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अब स्थिर और बेहतर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, घरघोड़ा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. आर. पैंकरा ने आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में जहरीले जीव-जंतु, विशेषकर सांप, अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में लोगों को जमीन पर सोने से बचना चाहिए और यदि पलंग पर सो रहे हों तो मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें। साथ ही घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि जहरीले जीव-जंतु घरों के आसपास न पहुंच सकें।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को सांप या अन्य जहरीले जीव-जंतु के काटने के लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। समय पर इलाज ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की अहमियत को उजागर कर दिया है।
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