रायगढ़ जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; परिजनों ने उठाए हिरासत में लापरवाही के सवाल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 4 मई।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो जाने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने जहां जेल प्रबंधन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम डोलेसरा कठरापाली निवासी 38 वर्षीय सुरेश रात्रे को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर 30 अप्रैल को जिला जेल में दाखिल किया गया था। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद मृतक के परिजन सीधे तौर पर जेल प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। मृतक के भाई नरेश रात्रे का कहना है कि वह आज सुबह मुलाकात के लिए जेल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अस्पताल भेजे जाने की सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचने पर भाई के मौत की खबर मिली। उनका आरोप है कि सुरेश की मौत जेल के भीतर ही हो चुकी थी, जिसे छिपाने के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिजनों ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया है कि तमनार पुलिस ने सुरेश को मामूली मात्रा में शराब के साथ पकड़ा था, लेकिन उस पर अधिक मात्रा दिखाकर प्रकरण दर्ज किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इधर, जिला जेल के जेलर जी.एस. शोरी ने बताया कि बंदी को पहले 2 मई को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते अस्पताल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सुरेश रात्रे को शराब की लत थी और बैरक में उसका उपचार जारी था। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसकी हालत गंभीर होने पर तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक सुरेश अपने पीछे तीन मासूम बेटियों को छोड़ गया है, जिनमें से सबसे छोटी बेटी का जन्म महज 15 दिन पहले ही हुआ है। परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने से अब उनके सामने जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने अब वीडियोग्राफी के साथ शव के पोस्टमार्टम और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस संदिग्ध मौत ने एक बार फिर जेलों के भीतर बंदियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों के संरक्षण के दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
अन्य अधिक खबरों के लिए क्लिक करें https://amarkhabar.com/