चरखापारा मवेशी बाजार में उठा भरोसे का संकट: किसानों के बैल ठेकेदार के घर मिलने से बढ़ा विवाद, मिलीभगत के आरोपों की मांग पर जांच तेज

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
धरमजयगढ़।
अभी दो सप्ताह पहले शुरू हुआ चरखापारा मवेशी बाजार अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। किसानों के बैलों के कथित रूप से गायब होने और बाद में उन्हें बाजार ठेकेदार के घर में बंधा पाए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।
23 मई 2026 को बाकारुमा क्षेत्र के कई किसानों ने आरोप लगाया कि उनके बैल बाजार से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे। मामला तब और गरमा गया जब वही मवेशी कथित तौर पर चरखापारा के उपसरपंच (पूर्व बाजार ठेकेदार) के घर में बंधे मिले। इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी देखी गई।

क्या है प्रशासनिक पक्ष?
पंचायत द्वारा संचालित इस बाजार को लेकर जब संबंधित उपसरपंच से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुछ “कोचिए” मवेशियों को रस्सी से बांधकर ले जा रहे थे। नाका बैरियर पर तैनात स्टाफ ने जब उनसे वैध रसीद मांगी और वे प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो मवेशियों को अस्थायी रूप से उनके घर में बांध दिया गया।
हालांकि, इस स्पष्टीकरण ने विवाद को शांत करने के बजाय और अधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसानों के सवाल और आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामला संदिग्ध था, तो तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई गई। किसानों ने आरोप लगाया है कि बाजार में कोचियों और संचालकों के बीच संभावित मिलीभगत हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
किसानों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं यह बाजार मवेशियों की अवैध खरीद-बिक्री का माध्यम तो नहीं बनता जा रहा।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार को बाजार में कोई संदिग्ध व्यक्ति मवेशी लेकर आता है, तो उसके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कराने की मांग की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक इस पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संदिग्ध को बाजार में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और पंचायत की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं किसानों की नजर अब पुलिस और प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
(नोट: यह खबर स्थानीय ग्रामीणों के आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों के विस्तृत बयान आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।)
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