दशहरा मेले की खुशियां मातम में बदलीं: रायगढ़ में सड़क हादसों और झूले से 7 मौतें, चार घायल

रायगढ़। दशहरा मेले की रौनक, परिवार के साथ घूमने की उमंग और रोजमर्रा की आवाजाही के बीच रायगढ़ जिले में हुए हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चार सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि खरसिया के मीना बाजार मेले में आकाश झूले से गिरने के बाद एक युवक ने दम तोड़ दिया। इन घटनाओं में चार अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है।
एक ही दिन में सामने आई इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस संबंधित मामलों में मर्ग कायम कर जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
एक बाइक पर चार युवक, खड़े ट्रक से टक्कर में दो की मौत
छाल थाना क्षेत्र में दशहरा मेला देखने जा रहे चार युवकों की बाइक अस्पतालपारा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में कृष्णा राठिया (15), निवासी बेहरामार और जितेंद्र राठिया (22), निवासी बांसाझार की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार धर्मेंद्र राठिया और कुंदन राठिया गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चारों युवक छाल में दशहरा मेला देखने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक खड़े ट्रक से जा भिड़ी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति को देखते हुए रायपुर रेफर किए जाने की जानकारी है।
एक ही बाइक पर चार लोगों का सवार होना और सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से टक्कर लगना इस हादसे के महत्वपूर्ण पहलू हैं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार के साथ मेले जा रहे व्यक्ति को बाइक ने मारी टक्कर
छाल क्षेत्र में ही एक अन्य दुर्घटना में चंद्रदेव सिंह ठाकुर की जान चली गई। बताया गया है कि वह 20 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे अपने परिवार के साथ पैदल मेला देखने जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी गंभीर थी कि चंद्रदेव सिंह ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद छाल पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
मेले के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में मुख्य मार्गों पर वाहन चालकों की सावधानी और पैदल चलने वालों की सुरक्षा का महत्व और बढ़ जाता है।
कापू में पिकअप की टक्कर से पिता-पुत्री की मौत, दो घायल
कापू थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य दुर्घटना में पवन कोरवा और उनकी बेटी नयन्ती कोरवा की मौत हो गई। इस हादसे में परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पवन कोरवा अपने परिवार के साथ कौहाहाडी पारमेर स्थित ससुराल गए थे। अगले दिन वह अपनी पत्नी इतवारी बाई, बेटी नयन्ती और अन्य परिजनों के साथ इंचपारा से राशन का सामान लेकर पैदल लौट रहे थे।
इसी दौरान इंचपारा से पारमेर जाने वाले मुख्य मार्ग के पास पीछे से आए सफेद रंग के वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कापू ले जाया गया, जहां पवन कोरवा और उनकी बेटी नयन्ती को मृत घोषित कर दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, दिनाराम कोरवा के दोनों पैरों के पंजों में और इतवारी बाई के कंधे में गंभीर चोटें आईं। कापू पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है।
इस घटना में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नलवा गेट के पास खड़े डंपर से टकराई बाइक, ट्रेलर चालक की मौत
पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में भी एक सड़क दुर्घटना में आकाश कुमार (40) की मौत हो गई। वह मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पटरिया के निवासी थे और गेरवानी के पास किराये के मकान में रहकर ट्रेलर चलाते थे।
जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे आकाश राखड़ लोड वाहन खड़ा करने के बाद बाइक से घर जा रहे थे। जब वह नलवा गेट नंबर तीन के पास पहुंचे, तब उनकी बाइक सामने खड़े डंपर से टकरा गई।
हादसे में सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
खरसिया के मीना बाजार में आकाश झूले से गिरा युवक, अस्पताल में मौत
सड़क हादसों के बीच खरसिया के मीना बाजार मेले में हुई एक अन्य घटना ने भी लोगों को झकझोर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नकुल निषाद 20 अक्टूबर की शाम परिवार के साथ मेला घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान आकाश झूले पर झूलते समय वह ऊंचाई से नीचे गिर गए।
गिरने से उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद मेले में संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और संभावित चूक की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, झूले से गिरने की परिस्थितियों और किसी लापरवाही की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती।
सात मौतें, चार घायल: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रायगढ़ जिले में सामने आई इन घटनाओं में सड़क दुर्घटनाओं और मेले में हुई दुर्घटना ने सात परिवारों को प्रभावित किया है। चार लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी है।
इन हादसों के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा, बाइक चलाते समय सावधानी, पैदल राहगीरों की सुरक्षा और मेले में झूलों के संचालन की निगरानी जैसे विषय फिर चर्चा में हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में वाहन की गति, दृश्यता, सड़क पर खड़े वाहनों की स्थिति और चालक की सतर्कता जैसे पहलुओं की जांच जरूरी है। वहीं, मेले में लगाए जाने वाले झूलों की फिटनेस, नियमित निरीक्षण, सुरक्षित संचालन और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
फिलहाल संबंधित मामलों में पुलिस की जांच जारी है। हादसों के वास्तविक कारण और संभावित जिम्मेदारी जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही तय हो सकेगी।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️