सोशल मीडिया विवाद से बढ़ा तनाव: भाजपा नेता धीरज सिंह पर एफआईआर, इंफ्लुएंसर ने धमकी व पीछा करने का लगाया आरोप

अंबिकापुर। शहर के कलाकेंद्र मैदान के आसपास रविवार दोपहर हुए एक विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर सक्रिय इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने भाजपा से जुड़े स्थानीय नेता धीरज सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, दर्ज एफआईआर में गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और पीछा करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
घटना का क्रम: मैदान से होटल तक पीछा करने का आरोप
शिकायतकर्ता आकांक्षा टोप्पो, जो मूलतः जशपुर जिले के ग्राम इचकेला की निवासी हैं और वर्तमान में अंबिकापुर में रहकर सोशल मीडिया कंटेंट बनाती हैं, ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने कैमरामैन के साथ कलाकेंद्र मैदान के पीछे के गेट के पास पहुंची थीं।
उनका आरोप है कि इसी दौरान सामने से आए धीरज सिंह ने अपनी गाड़ी रोककर बातचीत के लिए कहा। जैसे ही कार का शीशा नीचे किया गया, उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।
आकांक्षा का यह भी कहना है कि वहां से निकलने के दौरान कुछ अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद वह घड़ी चौक स्थित एक निजी होटल में शरण लेने पहुंचीं। आरोप है कि वहां भी संबंधित व्यक्ति उनका पीछा करते हुए पहुंच गया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस कार्रवाई और थाने में हंगामा
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और धीरज सिंह को पूछताछ के लिए कोतवाली थाने ले जाया गया। इस दौरान थाने परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीएसपी स्तर के अधिकारी के साथ भी विवाद की स्थिति बनी, जिससे माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 296, 351(1), 78(1) सहित एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर-एस) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया विवाद बना पृष्ठभूमि
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी था। माना जा रहा है कि उसी विवाद की पृष्ठभूमि में यह आमना-सामना हुआ, जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।
शहर में चर्चा, लेकिन पुलिस ने साधी संतुलित भूमिका
घटना के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं—कुछ लोग इसे सोशल मीडिया विवाद का विस्तार बता रहे हैं, तो कुछ राजनीतिक रंग देने की कोशिश भी मान रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पूरी तरह शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर दर्ज किया गया है और निष्पक्ष जांच की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों—जैसे सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और मौके के प्रत्यक्षदर्शियों—के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
(नोट: खबर में लगाए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के बयान पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है, अंतिम सत्यापन पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगा।)
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