Latest News

छाल खदान विस्तार पर टकराव: 10 सूत्रीय मांगों पर अड़े ग्रामीण, 29 सितंबर को विरोध की चेतावनी

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com


भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के मुद्दों पर सहमति नहीं, आज की बैठक पर टिकी सबकी नजर

छाल (रायगढ़)। एसईसीएल की छाल खदान के प्रस्तावित विस्तार को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाता जा रहा है। खदान विस्तार की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रभावित गांवों के ग्रामीण भी अपनी मांगों को लेकर मुखर होते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को ग्राम बांधापाली में आयोजित बैठक में यही तस्वीर साफ दिखाई दी, जहां एक ओर प्रबंधन और प्रशासन समाधान की बात करते दिखे, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अपने अधिकारों को लेकर स्पष्ट और सख्त रुख में नजर आए।

बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पुनर्वास और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित इन समस्याओं को अब और टालने से साफ इनकार करते हुए 10 सूत्रीय मांग-पत्र प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के सामने रख दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक इन मांगों पर ठोस और लिखित सहमति नहीं बनती, तब तक खदान विस्तार को स्वीकार करना संभव नहीं होगा।

प्रशासन और प्रबंधन आमने-सामने, समाधान की कोशिश जारी
बैठक में प्रशासनिक और प्रबंधन स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, तहसीलदार छाल लोमेश मीरी, एसईसीएल रायगढ़ के जीएम मनोज सिंह, छाल सब एरिया मैनेजर केसी सुरेंद्रनाथ और थाना प्रभारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बैठक को अहम बना दिया। जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने भी ग्रामीणों की ओर से मजबूती से पक्ष रखा और कई मामलों में तत्काल समाधान की मांग की।

हालांकि चर्चा लंबी चली, लेकिन पहले दिन किसी भी बिंदु पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों ने नियमानुसार समस्याओं के समाधान का भरोसा जरूर दिया, पर ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर अमल चाहिए।

See also  रायगढ़ में हुआ सड़क हादसा: जन्माष्टमी का मेला देखने आए 1 की मौत, 3 घायल

ग्रामीणों का साफ संदेश—अब समझौता नहीं, समाधान चाहिए
बैठक के दौरान ग्रामीणों का रुख काफी सख्त नजर आया। उनका कहना था कि खदान विस्तार से उनके जीवन, आजीविका और पर्यावरण पर सीधा असर पड़ेगा, ऐसे में बिना समुचित मुआवजा और पुनर्वास के किसी भी तरह का विस्तार स्वीकार्य नहीं है। कई ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई वादे किए गए, लेकिन उनका पालन नहीं हुआ।

29 सितंबर बना निर्णायक दिन
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो 29 सितंबर को प्रस्तावित खदान विस्तार के दौरान व्यापक विरोध किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासन और प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ गया है।

अब सभी की निगाहें अगली बैठक पर टिकी हैं, जिसे निर्णायक माना जा रहा है। यही बैठक तय करेगी कि संवाद से रास्ता निकलेगा या फिर छाल क्षेत्र में टकराव की स्थिति बनेगी।

(नोट: खबर में शामिल सभी पक्षों का मत सामने रखने का प्रयास किया गया है। किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button