चक्रवात नहीं, ‘डीप डिप्रेशन’ का असर: दक्षिण छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का दौर, 3 दिन हाई अलर्ट

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़/रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमीय तंत्र को लेकर प्रदेश में “चक्रवात अर्नब” की चर्चा भले तेज हो, लेकिन मौसम विभाग ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इसे फिलहाल डीप डिप्रेशन ही बताया है। इसके बावजूद इस सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिख रहा है और विशेष रूप से दक्षिणी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर अग्रसर है। इसके प्रभाव से नमी का व्यापक प्रवाह प्रदेश के अंदर तक पहुंच रहा है, जिससे कई जिलों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित
प्रदेश के बस्तर संभाग सहित दक्षिणी हिस्सों में बारिश का जोर अधिक बना हुआ है। बीते 24 घंटों में जगदलपुर में करीब 29.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि रायपुर-लालपुर और बिलासपुर में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले 48 से 72 घंटे इस क्षेत्र के लिए संवेदनशील रहेंगे।
24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 से 26 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
27 सितंबर तक असर, फिर भी बनी रहेगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 सितंबर तक इस सिस्टम का प्रभाव प्रदेश में बना रह सकता है। इसके बाद 28 और 29 सितंबर को भी कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं, हालांकि इन दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रशासन और आमजन के लिए सलाह
तेज बारिश और हवा के मद्देनजर प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने और आम नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बिजली गिरने और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
> कुल मिलाकर, भले ही “चक्रवात” शब्द को लेकर भ्रम बना हुआ हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सक्रिय सिस्टम ने प्रदेश के मौसम को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और अगले तीन दिन तक इसका असर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है।
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