“शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: आत्मानंद स्कूल घरघोड़ा में स्टाफ की भारी कमी, छात्रों ने छेड़ी भूख हड़ताल”

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 13 अगस्त 2026।
घरघोड़ा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहे प्रतिकूल असर और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर पूर्व छात्रों ने आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन की शुरुआत सुबह 11 बजे विद्यालय परिसर में हुई, जहां छात्रों और स्थानीय युवाओं ने “शिक्षा का अधिकार, हमारी मांगें पूरी करो” जैसे नारे लगाए।
मामले की जड़ में स्कूल में शिक्षकों और स्टाफ की गंभीर कमी बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्री-प्राइमरी स्तर पर दो शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन दोनों ही पद खाली हैं, जिससे छोटे बच्चों को आयाओं के भरोसे संभाला जा रहा है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी स्थिति बेहतर नहीं है। प्राथमिक खंड में प्रधान पाठक का पद रिक्त है, वहीं पांच स्वीकृत सहायक शिक्षकों में से केवल चार ही कार्यरत हैं। माध्यमिक खंड में भी एक प्रधान पाठक का पद खाली है और चार में से केवल तीन शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक हायर सेकेंडरी स्तर पर बताई जा रही है, जहां गणित, राजनीति विज्ञान और व्यायाम अनुदेशक जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इसके चलते 10वीं और 12वीं के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों का आरोप है कि कई विषयों की कक्षाएं नियमित नहीं लग पा रही हैं, जिससे परीक्षा परिणाम पर असर पड़ने की आशंका है।

केवल शिक्षण ही नहीं, प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय में लेखापाल का पद स्वीकृत होने के बावजूद खाली पड़ा है, जिससे वित्तीय और कार्यालयीन कार्यों में बाधा आ रही है। एनसीसी विंग, जो कभी इस स्कूल की पहचान रही है, वर्तमान में प्रशिक्षक के अभाव में निष्क्रिय पड़ी है। छात्रों ने मांग की है कि पूर्व में यहां कार्यरत एनसीसी शिक्षक की पुनः नियुक्ति की जाए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी भी साफ-सफाई और दैनिक व्यवस्थाओं को प्रभावित कर रही है। विद्यालय में चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक कर्मचारी कार्यरत है। इसके कारण पेयजल, सफाई और अन्य जरूरी सेवाएं बाधित हो रही हैं।
विद्यालय की एक अन्य प्रमुख समस्या दो शिफ्ट में संचालन को लेकर है। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग वर्गों के कारण सुबह 7:45 बजे से शाम 5 बजे तक स्कूल चलता है। पहली शिफ्ट में केजी से 8वीं और दूसरी शिफ्ट में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इतने बड़े परिसर और दो भवनों के संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ न होने से व्यवस्था चरमरा गई है।
आंदोलनरत छात्रों ने सात सूत्रीय मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं, जिनमें सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती, एनसीसी विंग को पुनः सक्रिय करना, और कला संकाय में नए छात्रों के लिए प्रवेश सुनिश्चित करना शामिल है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, भूख हड़ताल जारी रहेगी।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही विभागीय स्तर पर बैठक होने की संभावना है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि छात्रों के इस आंदोलन से प्रशासन कब तक जागता है और क्या उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी अन्य सरकारी वादों की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगा।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️