बरसात में उजागर हुई तमनार की सड़कों की हकीकत:देवगांव–पडिगांव–महालोई–गौरबाहरी मार्ग बना जोखिम भरा सफर

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

तमनार। औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले तमनार क्षेत्र में बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। तमनार से देवगांव, पडिगांव, महलोई होते हुए गौरबाहरी तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उनमें भरा बारिश का पानी और कीचड़ ने इस मार्ग को आमजन के लिए खतरे से भरा बना दिया है।
बारिश के कारण सड़क की परत उखड़ चुकी है और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार वाहन फिसलने और गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।
पडिगांव स्कूल के आसपास की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और अभिभावक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। कीचड़ और जलभराव के बीच बच्चों का स्कूल पहुंचना किसी जोखिम से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी गंभीर हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क के किनारे कई जगह कटाव हो गया है, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और बड़े वाहनों के गुजरने में अतिरिक्त जोखिम पैदा हो रहा है। बारिश के दौरान यह मार्ग कई बार पूरी तरह फिसलन भरा हो जाता है, जिससे एम्बुलेंस या आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग केवल गांवों को जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जीवनरेखा है। इसी रास्ते से कृषि उपज बाजार तक पहुंचती है, बच्चे स्कूल जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की यह स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर अस्थायी मरम्मत के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं। उनका सुझाव है कि इस मार्ग का तकनीकी सर्वे कराकर इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य उपयुक्त योजना के तहत मजबूत और गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाया जाए, ताकि हर मौसम में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है। फिलहाल, तमनार क्षेत्र के ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होने का इंतजार है।
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