फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाता था युवक, CCTV ने खोला राज; मारुती बलेनो समेत आरोपी गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
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दो बार में ₹6,100 का पेट्रोल लेकर हुआ था फरार, कार की नंबर प्लेट पर काली पट्टी लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश
रायगढ़। पेट्रोल पंप पर QR कोड के जरिए भुगतान करने का दावा कर मोबाइल में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाने और बिना भुगतान किए फरार होने के मामले का जूटमिल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी युवक ने करीब डेढ़ महीने के अंतराल में एक ही पेट्रोल पंप पर दो बार वारदात को अंजाम दिया और दोनों घटनाओं में कुल 6,100 रुपये का पेट्रोल बिना भुगतान किए लेकर फरार हो गया।
मामले की जांच में पुलिस ने पेट्रोल पंप और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के अलावा रास्ते में मिले अन्य कैमरों तथा झलमला टोल प्लाजा के फुटेज को खंगाला। वाहनों की पहचान से जुड़े छोटे-छोटे संकेतों को जोड़ते हुए पुलिस संदिग्ध बलेनो कार तक पहुंची। पूछताछ के बाद पुलिस ने 19 वर्षीय मयंक शर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक-02, बावलीकुआं, रायगढ़ को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलेनो कार भी जब्त की गई है।
दो बार आया, दोनों बार दिखाया फर्जी भुगतान
पुलिस के अनुसार मामला दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप से जुड़ा है। पेट्रोल पंप संचालक अमित कुमार गुप्ता ने 31 जुलाई 2026 को थाना जूटमिल में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक पहली घटना 7 जून की रात करीब 10:24 बजे हुई। एक युवक बलेनो कार से पेट्रोल पंप पहुंचा और करीब 2,500 रुपये का पेट्रोल भरवाया। भुगतान के लिए QR कोड का इस्तेमाल करने की बात कहने के बाद उसने मोबाइल में भुगतान होने का स्क्रीनशॉट दिखाया और वहां से निकल गया।
कुछ समय बाद जब भुगतान की पुष्टि नहीं हुई तो पेट्रोल पंप कर्मचारियों को ठगी का पता चला।
पुलिस के मुताबिक इसी तरह दूसरी घटना 25 जुलाई की रात करीब 12:09 बजे हुई। उसी तरह की बलेनो कार लेकर पहुंचे युवक ने इस बार करीब 3,600 रुपये का पेट्रोल भरवाया और QR पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर वाहन लेकर निकल गया।
दोनों घटनाओं में पेट्रोल पंप को कुल 6,100 रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
नंबर प्लेट छिपाकर पहचान से बचने की कोशिश
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वाहन की पहचान करना था। कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि जिस बलेनो से वारदात की गई, उसकी आगे और पीछे की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी हुई थी।
इसके अलावा कार की पहचान के लिए कुछ और विशिष्ट निशान भी सामने आए। पुलिस के अनुसार वाहन के बाएं तरफ के मिरर पर काले रंग का कवर, दाहिनी ओर सफेद-काले रंग का मिरर कवर और डिक्की के पास क्षतिग्रस्त प्लास्टिक की मरम्मत का निशान था।
जांच टीम ने इन्हीं संकेतों को आधार बनाकर CCTV फुटेज में संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।
CCTV और तकनीकी जांच से कार तक पहुंची पुलिस
जूटमिल पुलिस ने पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज के साथ-साथ घटनास्थल से आने-जाने वाले रास्तों में लगे कैमरों के फुटेज का परीक्षण किया। इसके अलावा झलमला टोल प्लाजा सहित अन्य स्थानों के CCTV फुटेज को भी खंगाला गया।
फुटेज में दिखाई दे रहे वाहन के हुलिए और कर्मचारियों द्वारा बताए गए विशेष निशानों का मिलान करने पर पुलिस ने CG-13-AQ-2394 नंबर की बलेनो कार को संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया।
इसके बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों से वाहन की पहचान कराई गई। पुलिस के अनुसार कर्मचारियों ने वाहन को घटना में इस्तेमाल हुई कार के रूप में पहचाना।
पूछताछ में सामने आई दोनों वारदातें
वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके चालक मयंक शर्मा और वाहन मालिक उसके पिता से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में मयंक शर्मा ने दोनों घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की मारुति सुजुकी बलेनो कार और उसके दस्तावेज जब्त किए हैं।
मामले में थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 429/2026 के तहत पहले धारा 318(2) BNS में अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा छलपूर्वक बेईमानी किए जाने का अपराध पाए जाने पर धारा 318(4) BNS भी जोड़ी गई।
न्यायालय ने भेजा न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी मयंक शर्मा को 6 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले के खुलासे में CCTV फुटेज, वाहन की विशिष्ट पहचान और तकनीकी जांच महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई।
पुलिस की अपील
रायगढ़ पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों से ऑनलाइन भुगतान प्राप्त होने पर केवल मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई दे रहे स्क्रीनशॉट के आधार पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। भुगतान की वास्तविक पुष्टि बैंक खाते, UPI ऐप अथवा प्राप्त भुगतान के संदेश से करने के बाद ही वाहन को जाने देने की सलाह दी गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी और छलपूर्वक संपत्ति हड़पने वाले अपराधियों के विरुद्ध पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और CCTV विश्लेषण के जरिए ऐसे मामलों में आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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