भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी कांड: राजनीतिक गलियारों तक पहुँची आंच, भाजपा पदाधिकारी गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
भिलाई। (BSP) से लगभग 250 टन लौह स्क्रैप की कथित चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी भास्कर मुदलियार उर्फ बाचू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
पुलिस के अनुसार, भिलाई-तीन थाना क्षेत्र में एसीसीयू टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह करीब 11 बजे आरोपी के वैशाली नगर स्थित निवास पर दबिश दी गई। जैसे ही भास्कर मुदलियार घर से बाहर निकल रहा था, उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बीएसपी से चोरी हुए स्क्रैप को खरीदने और आगे बेचने की बात स्वीकार की है।
राजनीतिक कनेक्शन और बढ़ा विवाद
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब यह सामने आया कि आरोपी खुद को स्थानीय विधायक रिकेश सेन का समर्थक बताता था और हाल ही में शहर में उनके जन्मदिन के बधाई पोस्टर भी लगाए थे। गिरफ्तारी के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके बाद शहर में लगे कई पोस्टर तत्काल हटा दिए गए। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
भाजपा ने दिखाई सख्ती, तत्काल निष्कासन
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के भीतर भाजपा संगठन ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए भास्कर मुदलियार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया। जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि प्रदेश संगठन के निर्देश और जिला प्रभारी की सहमति से यह अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
जांच का दायरा बढ़ा, कई नाम सामने
दुर्ग एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि स्क्रैप चोरी मामले की जांच व्यापक स्तर पर की जा रही है। अब तक की जांच में चोरी के माल की खरीद-बिक्री से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।
औद्योगिक सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप का प्लांट से बाहर जाना और उसका अवैध व्यापार होना, सुरक्षा तंत्र में संभावित खामियों की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले की हर परत खोलने में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस स्क्रैप चोरी नेटवर्क के और भी चौंकाने वाले पहलू सामने आ सकते हैं।
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