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पुसौर में सियासी भूचाल: मोदी के जन्मदिन पर भाजपा को झटका, 8 पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा—विकास ठप होने का आरोप

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़/पुसौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जहां देशभर में भाजपा “सेवा संकल्प” कार्यक्रमों के जरिए जनसंपर्क और सेवा गतिविधियों में जुटी रही, वहीं रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत से आई एक खबर ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। नगर पंचायत के आठ निर्वाचित भाजपा पार्षदों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पार्षदों ने हस्ताक्षरयुक्त त्यागपत्र जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दिवान को सौंपा है। पत्र में नगर पंचायत प्रशासन, संबंधित विभागों के अधिकारियों और अध्यक्ष की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि उनके वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं।

पार्षदों का आरोप है कि पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े कामों की लगातार अनदेखी की जा रही है। यहां तक कि पार्षद निधि से प्रस्तावित विकास कार्य भी अमल में नहीं आ पा रहे हैं। विभागीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से वे लगातार दबाव और असहाय स्थिति का सामना कर रहे थे।

त्यागपत्र देने वाले पार्षदों में वार्ड क्रमांक 2 के फगुलाल प्रधान, वार्ड 3 की मंजु निराकार पटेल, वार्ड 6 के बलराम संवरा, वार्ड 8 की अभिमा अंशु साव, वार्ड 11 के रूपेश कुमार साव और वार्ड 12 की शीखबाई सारथी सहित कुल आठ जनप्रतिनिधि शामिल बताए जा रहे हैं। पत्र पर सभी के हस्ताक्षर और मुहर दर्ज हैं, जिससे इस्तीफे की औपचारिकता स्पष्ट होती है।

गौरतलब है कि फरवरी 2025 में हुए नगर पंचायत चुनाव में भाजपा ने अध्यक्ष पद सहित 10 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बढ़त बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 5 वार्डों में सफलता मिली थी। ऐसे में सत्तारूढ़ दल के आठ पार्षदों का एक साथ इस्तीफा देना न केवल संगठन के लिए चुनौती है, बल्कि नगर पंचायत के सत्ता संतुलन पर भी असर डाल सकता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सरकार और संगठन “सेवा और सुशासन” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं। स्थानीय स्तर पर उठे ये सवाल उस दावे की जमीनी हकीकत को भी परखने का अवसर दे रहे हैं।

अब निगाहें भाजपा जिला संगठन के रुख पर टिकी हैं—क्या पार्षदों की नाराजगी दूर करने के लिए कोई पहल होगी या यह मामला आगे और सियासी रंग लेगा। वहीं, प्रशासन और नगर पंचायत अध्यक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

(नोट: संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने समाचार को अद्यतन किया जाएगा।)

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Amar Chouhan

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