ऑपरेशन ‘क्लीन’ का असर: 24 घंटे में नशे के इंजेक्शन नेटवर्क पर करारा प्रहार, सप्लायर समेत दो गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

अंबिकापुर/बलरामपुर। सरगुजा संभाग में नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन क्लीन” के तहत आबकारी विभाग को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए टीम ने नशीले इंजेक्शन के एक स्थानीय विक्रेता और उसके सप्लायर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई को अंबिकापुर में फैल रहे इंजेक्शन नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली कि बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र का निवासी अविनाश पैकरा, अंबिकापुर के शांतिपारा इलाके में किराए के मकान में रहकर नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आबकारी टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान एक युवक बैग लेकर पीछे की ओर भागने का प्रयास करता दिखा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अविनाश पैकरा बताया। तलाशी लेने पर उसके बैग से 15 नग रेक्सोजेसिक (REXOGESIC) इंजेक्शन और 15 नग एविल (AVIL) इंजेक्शन बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह ये नशीले इंजेक्शन बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अनपारा निवासी अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू से खरीदकर लाता है।
इस खुलासे के बाद आबकारी विभाग ने तेजी दिखाते हुए 31 जुलाई 2026 को बलरामपुर जिले में दबिश दी। विमलापुर के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 50-50 नग रेक्सोजेसिक और एविल इंजेक्शन जब्त किए गए। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि “ऑपरेशन क्लीन” के तहत यह कार्रवाई बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर में करीब 90 प्रतिशत नशीले इंजेक्शन बेचने वाले आरोपियों के जेल जाने के बाद अब बाहरी जिलों—विशेषकर बलरामपुर और सूरजपुर—से सप्लाई का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर विभाग की पैनी नजर है।
इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक टी.आर. केहरी, सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, रोहित सोनवानी तथा महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नशे के खिलाफ लगातार हो रही ऐसी सख्त कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
News associate Vishnu (Niranjan) Gupta
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