Latest News

“20 साल का इंतज़ार अब बर्दाश्त नहीं”: कुंजारा–केशला–तोलगे सड़क पर भड़का जनाक्रोश, 31 जुलाई तक काम नहीं तो अनिश्चितकालीन चक्काजाम

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

लैलूंगा, 17 जुलाई। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वर्षों से जर्जर पड़ी कुंजारा–केशला–तोलगे सड़क को लेकर ग्रामीणों ने साफ शब्दों में प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है—31 जुलाई तक निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो केशला मोड़ पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान लोगों ने कहा कि अब “स्वीकृति” और “प्रस्ताव” जैसे शब्द सुनने की स्थिति में वे नहीं हैं—उन्हें जमीनी काम चाहिए।

20 साल से बदहाल सड़क, हर दिन खतरे का सफर
ग्रामीणों के मुताबिक, कुंजारा–केशला–तोलगे मार्ग पिछले करीब दो दशकों से खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी डामर और बरसात में कीचड़ की मोटी परत इसे जानलेवा बना देती है। इसी मार्ग से करीब 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं, जिनमें स्कूली छात्र, मरीज, किसान और छोटे व्यापारी शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और भी बिगड़ जाते हैं। कई जगह सड़क पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। एंबुलेंस और स्कूल वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आश्वासन बनाम हकीकत—विश्वास हुआ कमजोर
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बीते वर्षों में कई बार इस सड़क के लिए स्वीकृति और बजट की बातें सामने आईं, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया। हर बार प्रशासनिक आश्वासन दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। यही वजह है कि अब लोगों का भरोसा कमजोर पड़ गया है और वे सीधे आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर हैं।

दुर्घटनाएं बढ़ीं, जनजीवन प्रभावित
ग्रामीणों का दावा है कि खराब सड़क के कारण सैकड़ों छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग खास तौर पर खतरनाक हो गया है। कई बार गंभीर हादसे भी सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।

किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है, वहीं व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना चुनौती बन गया है।

31 जुलाई ‘डेडलाइन’, नहीं तो चक्काजाम तय
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो लैलूंगा–घरघोड़ा मुख्य मार्ग पर केशला मोड़ (कुंजारा हाई स्कूल के पास) पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान यदि कोई स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रशासन की परीक्षा, जनता की नजरें टिकीं
अब इस पूरे मामले में निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि तय समयसीमा के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो लैलूंगा क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। यह मामला केवल एक सड़क तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button