तलाईपल्ली कोल परियोजना में मुआवजा निर्धारण पर उठे गंभीर सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़/घरघोड़ा।
एनटीपीसी (NTPC) तलाईपल्ली कोल माइनिंग परियोजना से प्रभावित ग्राम चोटीगुड़ा के निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता अबुजर खान ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रायगढ़ को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में परियोजना के अंतर्गत मकानों के सर्वेक्षण, क्षेत्रफल निर्धारण, संरचनाओं के मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों की आशंका जताते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की गई है।
शिकायत के मुख्य बिंदु:
अभिलेखों और वास्तविक स्थिति में अंतर: उपलब्ध दस्तावेजों और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आशंका है कि कागजी दस्तावेजों और जमीन की वास्तविक स्थिति में काफी अंतर है।
वित्तीय क्षति की आशंका: यदि जांच होती है तो यह सामने आ सकता है कि वास्तविक पात्रता से अधिक मुआवजा स्वीकृत या वितरित किया गया है, जिससे शासन और सार्वजनिक उपक्रम को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
क्षेत्रफल में संदिग्ध बढ़ोतरी: कुछ सर्वे क्रमांकों में पूर्व सर्वेक्षण की तुलना में वर्तमान क्षेत्रफल बढ़ाकर दिखाया गया है। जिन संरचनाओं के आधार पर यह वृद्धि दिखाई गई, वे पहले मौजूद नहीं थीं और वर्तमान में भी उनका कोई स्पष्ट भौतिक साक्ष्य नहीं है।
तकनीकी जांच की मांग: सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, ड्रोन सर्वे, जीपीएस डेटा, नक्शे और मापन पत्रकों का मूल दस्तावेजों से तुलनात्मक मिलान तथा संयुक्त भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।



निष्पक्ष जांच और अल्टीमेटम
अबुजर खान ने मांग की है कि इस मामले की जांच किसी ऐसे स्वतंत्र अधिकारी या समिति से कराई जाए जिसका इस सर्वेक्षण या मुआवजा प्रक्रिया से पूर्व में कोई संबंध न रहा हो।
15 दिनों का समय: मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 दिनों के भीतर स्वतंत्र जांच समिति गठित कर कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया गया है।
आंदोलन की चेतावनी: यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो परियोजना प्रभावित ग्रामीण अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
शिकायत की प्रतिलिपि इन अधिकारियों/विभागों को भेजी गई:
1. पुलिस अधीक्षक (SP), रायगढ़
2. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा
3. परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी तलाईपल्ली
4. आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), छत्तीसगढ़
5. सचिव/प्रमुख सचिव, खनिज संसाधन एवं राजस्व विभाग
अबुजर खान स्वयं इस परियोजना से प्रभावित ग्रामीण हैं और लगातार विस्थापितों के हक, पुनर्वास तथा उचित मुआवजे के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि शिकायत का उद्देश्य किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं, बल्कि शासन के पैसे की सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
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