कोतवाली पुलिस की फुर्ती से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग भी कार्रवाई के दायरे में

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
“वायरल वीडियो बना सबूत, सड़क पर गुंडागर्दी का त्वरित अंत”
रायगढ़ | 14 जुलाई 2026
रायगढ़ शहर में सरेराह एक युवती के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। महज कुछ घंटों के भीतर कोतवाली पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, बल्कि घटना में शामिल दो नाबालिग बालिकाओं के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि अब सोशल मीडिया पर सामने आने वाली घटनाएं सीधे कानून के दायरे तक पहुंच रही हैं।
वायरल वीडियो से खुली पहचान की कड़ी
घटना का वीडियो सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और कोतवाली पुलिस को सख्त निर्देश दिए। वीडियो का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया, जिसमें घटना स्थल मेरीन ड्राइव रोड के पास चिन्हित हुआ। स्थानीय स्तर पर पूछताछ के बाद वीडियो में मारपीट करती दिख रही महिला की पहचान नगमा खान उर्फ नूरी के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने बिना देर किए आरोपी के निवास पर दबिश दी और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने घटना में शामिल दो अन्य लड़कियों के बारे में जानकारी दी। जांच में दोनों नाबालिग पाई गईं।
रास्ता रोककर की गई थी मारपीट
घटना की पीड़िता, 19 वर्षीय युवती, ने थाना कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह शहर के सोनारपारा स्थित एक ज्वेलरी गोदाम में कार्यरत है। 30 जून की शाम वह अपनी सहेली के साथ मोटरसाइकिल से लौट रही थी, तभी पुष्पवाटिका गार्डन के पास दो युवतियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और गाली-गलौज के साथ मारपीट शुरू हो गई। विरोध करने पर आरोपियों ने अपने परिचितों को बुला लिया, जिनमें नगमा खान उर्फ नूरी भी शामिल थी। इसके बाद सभी ने मिलकर पीड़िता के साथ लात-घूंसों से हमला किया। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
पीड़िता के अनुसार, विवाद की शुरुआत महज इस गलतफहमी से हुई कि आरोपी पक्ष को लगा कि वे उन पर हंस रही हैं।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 375/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 126(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला कायम किया गया।
मुख्य आरोपी नगमा खान उर्फ नूरी (38 वर्ष), निवासी फौजदारपारा, रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत किया गया है। वहीं, घटना में शामिल दोनों नाबालिगों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया बना अहम साक्ष्य
इस मामले में वायरल वीडियो ने निर्णायक भूमिका निभाई। पुलिस ने साफ किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब अपराधों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य बनते जा रहे हैं, जिससे आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आई है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया—
“सार्वजनिक स्थानों पर कानून हाथ में लेने और गुंडागर्दी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया पर सामने आने वाली घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।”
साफ संकेत: कानून से ऊपर कोई नहीं
इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर की गई छोटी दिखने वाली गुंडागर्दी भी अब छिप नहीं सकती। तकनीक और सतर्क पुलिसिंग के संयोजन से ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।
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