11 साल बाद कानून के शिकंजे में आया ‘बलवा कांड’ का फरार आरोपी, ऑपरेशन क्लीन हंट की बड़ी कामयाबी

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 01 जुलाई।
कानून से लंबे समय तक आंख-मिचौली खेल रहे एक फरार आरोपी को आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने धर दबोचा। वर्ष 2015 के बहुचर्चित बलवा और पुलिस टीम पर हमले के मामले में फरार चल रहा आरोपी हेमा राठिया 11 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत की गई है, जो अब असर दिखाने लगा है।
गांव लौटना पड़ा भारी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपी की गिरफ्तारी उस वक्त संभव हो सकी, जब उसके गांव लौटने की सूचना पुलिस को मुखबिर के जरिए मिली। थाना लैलूंगा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2015 का है, जब एक मर्ग जांच के दौरान पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अपने साथियों के साथ बोलेरो, महिंद्रा मैक्सीमो और मोटरसाइकिलों में सवार होकर मौके पर पहुंचे थे। उनके हाथों में लाठी, डंडे और लकड़ी की फालियां थीं।
आरोपियों ने:
पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा डाली
अधिकारियों और जवानों से मारपीट की
जान से मारने की धमकी दी
सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की
इस घटना के बाद थाना लैलूंगा में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। कई आरोपी समय रहते गिरफ्तार हो गए, लेकिन हेमा राठिया लगातार फरार बना हुआ था।
पुलिस पर हमले का आरोपी, वर्षों तक बचता रहा
घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि यह सिर्फ बलवा नहीं, बल्कि पुलिस पर सीधा हमला था। इसके बावजूद आरोपी वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस की फाइलों में वह “फरार” के रूप में दर्ज था और समय-समय पर उसकी तलाश जारी थी।
ऑपरेशन क्लीन हंट: फरारों पर कसा शिकंजा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए “ऑपरेशन क्लीन हंट” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है और सभी थाना प्रभारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
लैलूंगा पुलिस की यह कार्रवाई उसी रणनीति का परिणाम मानी जा रही है।
एसएसपी का सख्त संदेश
इस गिरफ्तारी के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि:
“फरार आरोपी चाहे कितने भी वर्षों तक कानून से बचने की कोशिश करें, पुलिस उन्हें कानून के कटघरे तक जरूर पहुंचाएगी। जिले में अपराध कर छिपने वालों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।”
देर से ही सही, कानून का शिकंजा मजबूत
यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि भले ही समय बीत जाए, लेकिन कानून का पहिया चलता रहता है। पुलिस की सतत निगरानी और योजनाबद्ध कार्रवाई के चलते अब पुराने मामलों में भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तेज हो रही है।
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान आने वाले समय में और भी कई फरार आरोपियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
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