Latest News

“15 साल की उपेक्षा पर उबाल: जर्जर सड़क के खिलाफ ग्रामीणों का आमरण अनशन, ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ का ऐलान”

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com

जांजगीर-चांपा। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया है। वर्षों से जर्जर सड़क की मार झेल रहे डोंगा, कोहरौद और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। डोंगा-कोहरौद-बलौदाबाजार मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है और साफ कर दिया है कि जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई मांग नहीं है। पिछले करीब 15 वर्षों से वे इस सड़क की दुर्दशा को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने गुहार लगाते रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के लिए रोजमर्रा का आवागमन तक जोखिम भरा हो गया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पामगढ़-लाहौद-बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग का करीब पांच किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया ही नहीं, चारपहिया वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता को और बढ़ा दिया है।

आंदोलन में शामिल ग्रामीणों का दावा है कि खराब सड़क के कारण बीते वर्षों में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क कीचड़ और पानी से भर जाती है और आवागमन लगभग ठप हो जाता है।

सड़क निर्माण में देरी की एक बड़ी वजह भूमि मुआवजा विवाद को बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मुद्दे को लेकर न तो प्रशासन ने गंभीर पहल की और न ही जनप्रतिनिधियों ने ठोस समाधान निकालने की कोशिश की। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा सवाल है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में देरी, स्कूली बच्चों की परेशानी, किसानों और व्यापारियों की आवाजाही में बाधा—इन सभी समस्याओं ने ग्रामीण जीवन को प्रभावित किया है।

धरने पर बैठे ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब वे आधे-अधूरे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना है कि जब तक निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं होता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।

यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस जनआक्रोश को कैसे संभालता है और क्या वर्षों पुरानी इस समस्या का कोई ठोस समाधान निकल पाता है।

Now U can Download Amar khabar from google play store also.

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button