घरघोड़ा में फाइनेंस के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, टीवीएस (TVS) फाइनेंस का फर्जी एजेंट बनकर व्यापारी से 60 हजार की ठगी!

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
घरघोड़ा (रायगढ़): रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में फाइनेंस के नाम पर एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। टीवीएस (TVS) फाइनेंस कंपनी का एजेंट बनकर शातिर ठगों ने एक स्थानीय व्यापारी को अपना शिकार बनाया और डीप फ्रीजर दिलाने के नाम पर 60,000 रुपये डकार गए। पीड़ित ने आज घरघोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से न्याय और अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला? – प्राप्त शिकायत के अनुसार, घरघोड़ा के वार्ड नं. 13 निवासी और बस स्टैंड पर दुकान संचालित करने वाले श्यामलाल हलवाई को अपनी दुकान के लिए एक डीप फ्रीजर की आवश्यकता थी। इसी बात का फायदा उठाकर भेंड्रा चौक निवासी नितेश गुप्ता (पिता हीराप्रसाद गुप्ता) ने खुद को टीवीएस फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताकर पीड़ित से संपर्क किया।
आरोपी ने फाइनेंस पर डीप फ्रीजर दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से दो किस्तों में फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से रकम ऐंठ ली:
31 अगस्त 2025: 6,000 रुपये
09 सितंबर 2025: 14,000 रुपये

भाई को भी किया शामिल, नगद लिए 40 हजार – रकम लेने के बाद जब आरोपी नितेश गुप्ता आना-कानी करने लगा और पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो उसने अपने भाई रितेश गुप्ता को बीच में ला दिया। रितेश गुप्ता ने फाइनेंस में दिक्कत की बात कहकर तुरंत फ्रीजर दिलाने का नया जाल बुना और मई 2026 में पीड़ित से 40,000 रुपये नगद वसूल लिए।
महीनों बीत जाने के बाद भी न तो व्यापारी को डीप फ्रीजर मिला और न ही उसके पैसे वापस किए गए। कुल 60,000 रुपये की इस सुनियोजित ठगी के बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा छल हुआ है।
मुख्य बिंदु : क्या आरोपियों का पुराना है आपराधिक इतिहास? – शिकायत पत्र में एक बेहद गंभीर बात सामने आई है। पीड़ित के अनुसार, दोनों आरोपी (नितेश गुप्ता और रितेश गुप्ता) आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी आर्थिक अपराध के प्रकरण लंबित होने की जानकारी दी गई है।
अब पुलिस कार्रवाई पर नजर : – इस मामले ने स्थानीय स्तर पर फाइनेंस के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है। पीड़ित श्यामलाल हलवाई ने थाना प्रभारी घरघोड़ा से आरोपियों के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि स्थानीय पुलिस इन आदतन जालसाजों पर कब और क्या एक्शन लेती है।
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